‘साहित्य सृजन परिषद्’ के तत्वावधान में आयोजित सरस काव्य गोष्ठी में डॉ. महेशचंद्र शर्मा ने कहा कि- ‘कविता और त्यौहारों से भारत विश्व विख्यात है, कवि बनना आसान नहीं’ : पं. प्रभुनाथ मिश्र ने कहा कि- ‘लड़खड़ाती राजनीति को सहारा देता है साहित्य’
👉 {बाएँ से} • नीता कम्बोज 'शीरी', एनएल मौर्य 'प्रीतम', पं. प्रभुनाथ मिश्र, आचार्य डॉ. महेशचंद्र शर्मा, सुशील यादव और डॉ. नलिनी श्रीवास्तव • छत्तीसगढ़...