प्रगतिशील एवं जन-विचारधारा की साहित्यिक संस्था ‘आरंभ’ का गठन : भिलाई-दुर्ग के 15 साहित्यिक चिंतकों ने संगठित होकर बनाया, प्रगतिशील सृजन का ‘आरंभ’ : मूल उद्देश्य है- ‘आरंभ’ हो अंत न हो-चिंतन कभी कलांत न हो
👉 [बैठे में] बाएँ से- डॉ. सोनाली चक्रवर्ती, त्रमब्यक राव साटकर 'अम्बर', विनोद साव, रवि श्रीवास्तव, प्रदीप भट्टाचार्य, कैलाश जैन बरमेचा, सुबीर रॉय. 👉 [खड़े...