जन संस्कृति मंच [जसम], जनवादी लेखक संघ [जलेसं] और प्रगतिशील लेखक संघ [प्रलेसं] के तत्वावधान में ‘कल्याण महाविद्यालय’ के हिंदी विभाग के सहयोग से आयोजित श्रद्धांजलि सभा में कनक तिवारी ने कहा “नासिर अहमद सिकंदर हिंदी कविता के जागरूक आलोचक व गुणी शिक्षक थे”
👉 • कनक तिवारी बोलते हुए [बाएँ से] प्रो. सियाराम शर्मा, 'सूत्र' के संपादक विजय सिंह, 'छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य सम्मेलन' के राज्य अध्यक्ष रवि श्रीवास्तव,...