कॉमरेड वी.एस. अच्युतानंदन : एक कम्युनिस्ट का महाकाव्यात्मक जीवन- आलेख, निधीश जे. विलट्ट : अनुवाद, संजय पराते
अपने हाई स्कूल के दिनों में मैंने प्रसिद्ध मलयालम लेखक थकाझी शिवशंकर पिल्लई का क्लासिक उपन्यास "रंदीदंगाझी" पढ़ा था, जो मुझे अच्छी तरह से याद...