‘मानव होना भाग्य है, कवि होना सौभाग्य है – एक शाम साहित्य के नाम’ : डॉ. बीना सिंह रागी के संयोजन में साहित्यिक विचार-विमर्श काव्य गोष्ठी नव वर्ष में यादगार रहा : मुख्य अतिथि रहे साहित्यिक चिंतक समाजसेवी कैलाश बरमेचा जैन ने कहा कि ‘हम हैं तो भाषा है, हम होंगे तो भाषा में होंगे’
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