समीक्षा : दास्ताँ-ए-कलम, लेखक- नरेंद्र प्रताप पाठक ‘अभाषित’ : पुस्तक परिचय, पुनम पाठक ‘बदायूं’
'दास्तां-ए-कलम' एक एहसास है।भाव है। अनुभव है।दुख -दर्द मानवीयता कल्याण न जाने क्या-क्या है। जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि। कलम की दास्तां के...