■मैं और मेरी लाइब्रेरी में : ‘ख़्वाबों की खुशबू’ [ कवयित्री शुचि ‘भवि’ ].
[ ●सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. त्रिलोकीनाथ क्षत्रिय और सुदेश क्षत्रिय की पुत्री हैं : शुचि क्षत्रिय 'भवि'. ●'बक्शी सृजन पीठ-भिलाई' द्वारा आयोजित 'पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी जयंती...