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⏩ 12 अगस्त- भोजली पर्व पर विशेष

⏩ छत्तीसगढ़ का लोकपर्व भोजली ⏩प्रो. अश्विनी केशरवानी श्रावण मास में जब प्रकृति अपने हरे परिधान में चारों ओर हरियाली बिखेरने लगती है तब कृषक...

■पर्यावरण दिवस पर चिंतन : संजय मिश्रा [ शिवनाथ बचाओ आंदोलन के संयोजक एवं जनसुनवाई फाउंडेशन के छत्तीसगढ़ प्रमुख ]

♀ चिंतन पर्यावरण जीवन का अभिन्न अंग है।बिना पर्यावरण सुरक्षा के हमारी सुरक्षा की कल्पना करना व्यर्थ है। सांसे देते हमारे आसपास के पेड़ पौधे...

■व्यंग्य : राजेन्द्र शर्मा.

♀ फ़ैज़,कबीर,मीरा,मुक्तिबोध, फ़िराक़ को कोर्स-निकाला !-राजेन्द्र शर्मा. ये लो, कर लो बात। अब मोदी के विरोधियों को सीबीएसई के पढ़ने वाले बच्चों का बोझ कम...

■कहिनी : डॉ. दीक्षा चौबे.

♀ फेर आबे बेटी ♀ डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] पूस पुन्नी के जुड़ तेमा सुरुजदेव तको रिसियाये रिहिस , चार दिन होगे निकरे...

■किसी के आँसू कैसे पौंछे ? – विजय कुमार तिवारी.

कभी-कभी मन नहीं भरता,व्यथा शान्त नहीं होती,व्यक्त नहीं हो पाता भीतर का भरा सब कुछ,एक कविता लिख देने से,एक कहानी सुना देने से। अक्सर उमड़ते-घुमड़ते...

■लघुकथा : सुधा वर्मा.

♀ अनोखा रिश्ता ♀ सुधा वर्मा [ रायपुर-छत्तीसगढ़ ] एक गाँव में दाऊ जी थे। सम्पन्न थे। उनके घर पर बहुत से नौकर काम करते...

■गणतंत्र दिवस पर विशेष : सरस्वती धानेश्वर ‘सारा’.

♀ राष्ट्र एवं अनुशासन ♀ सरस्वती धानेश्वर 'सारा' [ तालपूरी,भिलाईनगर,छत्तीसगढ़ ] अनुशासन और देश के प्रति अगाध प्रेम, किसी भी राष्ट्र की उन्नति का मुख्य...

■निबंध. विद्या गुप्ता.

♀ आ अब लौट चलें. ♀ विद्या गुप्ता. 【 दुर्ग-छत्तीसगढ़ 】 पर्यावरण प्रकृति और प्राणी मात्र का आनंद एक शब्द में कहा जाए तो- "...

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