गजानन परिसर गणेशोत्सव समिति दुर्ग : सद्भावना कवि सम्मेलन का सफल आयोजन : “तू समाती नहीं लेखनी में मेरे, शब्द से तेरा श्रृंगार कैसे करूं, शाद तूने संवारा है जीवन मेरा, बता तू तेरा तिरस्कार कैसे करूं”
दुर्ग [छत्तीसगढ़ आसपास] छत्तीसगढ़ की गौरव गाथा के आध्यात्म, संस्कृति एवं वैभव को सुप्रसिद्ध गीतकार बलराम चंद्राकर ने अपनी रचना क्रमबद्ध एवं लयबद्ध होकर प्रस्तुत...