विशेष रपट : प्रतिरोध कभी मरता नहीं – रिपोर्ट, शांतनु डे : अनुवाद, संजय पराते
अपने संस्मरण "मेमोरी ऑफ़ फ़ॉरगेटफुलनेस" में, प्रतिष्ठित फ़िलिस्तीनी कम्युनिस्ट कवि महमूद दरवेश ने अपने मित्र, प्रसिद्ध क्रांतिकारी कवि फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के साथ एक गहन...