‘ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान’ पर कृति-चर्चा सम्पन्न : कैलाश बनवासी की कहानियां समय को लांघती हैं- प्रो. जयप्रकाश : समयबिद्ध विशिष्ट कथाकार हैं कैलाश बनवासी- प्रो. सियाराम शर्मा : कैलाश जी के इस संग्रह की कहानियां सीधी-सरल, मर्म को छुती हुई और संवेदनशील हैं. इन्हें समझने और समझाने के लिए आलोचना की जरूरत भी नहीं है- लोकबाबू
'छत्तीसगढ़ आसपास' [रिपोर्ट, सुरेश वाहने] जन संस्कृति मंच, दुर्ग-भिलाई के तत्वावधान में देश के चर्चित कथाकार उपन्यासकार कैलाश बनवासी की कृति 'ठग्स ऑफ़ हिन्दोस्तान' पर...