चंदैनी गोंदा के कलाकारों द्वारा खुमान साव के सांगीतिक यात्रा को स्मरण किया गया : कार्यक्रम में ‘तोला जाना परे ना काया ल छोड़के…’ ‘नाच नचनी हो झूम- झूम के झमाझम…’ ‘अहो अहो मन भजो गणपति महाराज…’ और ‘धरती के अंगना में चंदैनी फुलगे… ‘ जैसे अनेक कालजयी गीतों की प्रस्तुति हुई
'छत्तीसगढ़ आसपास' [डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी 'सब्र'] भिलाई [09 जून, 2025] : चंदैनी गोंदा के कलाकारों द्वारा खुमान साव जी के जयंती के अवसर पर...