विशेष : ‘ पृथ्वी दिवस – अर्थ डे ‘ हरी भरी वसुंधरा पर नीला नीला ये गगन कि जिसपे बादलों की पालकी उड़ा रहा पवन दिशाएँ देखो रंग भरी चमक रही उमंग भरी ये किसने फूल फूल से किया श्रृंगार है. ये कौन चित्रकार है ये कौन चित्रकार? – भरत व्यास ‘ नील गगन के तले, धरती का प्यार पले – साहिर लुधियानवी – आलेख, अरुण कुमार निगम
वसुन्धरा अर्थात पृथ्वी पर कितने सुंदर गीत लिखे गए हैं। साहित्य जगत में भी सेनापति से लेकर सुमित्रानंदन पंत तक वसुंधरा का सौंदर्य कविताओं में...