■ 20 मार्च गौरेया दिवस पर विशेष : मिथिलेश रॉय [शहडोल मध्यप्रदेश].
♀ गौरेया __________________ प्यारी, मेरी प्यारी गौरैया, झुंड की झुंड आती थी तुम कभी घर,आँगन में तुम्हारी चहचाहट से भरी होती सुबह,दुपहरी, सांझ, मां सूखने...