आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह 4 days ago ▪️ • वीणा सिंह [ • छत्तीसगढ़ रिसाली भिलाई निवासी वीणा सिंह अंग्रेजी साहित्य एवं समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं. • आपकी 15 से अधिक साझा...
हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’ 7 days ago ▪️ • हिंदी का गुरुत्व सम्मान - डॉ. विजय कुमार गुप्ता 'मुन्ना' [ दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] हिंदी पर अभिमान हमको हिंदी शान में गोष्ठी कर...
देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ 1 week ago 👉 • डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' लिखित यह कुल गीत केवल विश्वकर्मा कुल को ही नहीं अपितु पूरी मानव जाति को समर्पित है. भगवान श्री...
विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन 3 weeks ago ▪️ • हमारे श्री कृष्ण - डॉ. नीलकंठ देवांगन [ शिवधाम कोडिया, दुर्ग] जीवन के पर्याय प्रेरणा हैं श्री कृष्ण संपूर्ण जीवन के प्रतीक हैं...
आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे 3 weeks ago ▪️ • गीत {1} खेत-बावली बाड़ी आँगन, ठाँव नहीं खोने देना। पुरखों की अनमोल धरोहर, गाँव नहीं खोने देना।। घर-घर मिलता नेह-निमंत्रण, अपनापन संबंधों में।...
आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव 3 weeks ago ▪️ • सावन और सड़क हम आटो की कर रहे थे सवारी नेशनल हाईवे पर सरपट दौड़ती सावन का मजा दुगना कर रही थी फुहारे...
आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’ 3 weeks ago ▪️ • चलन दुनियादारी का वक्त के पांव चुपचाप पहुंचते हैं चालाकी दर तक, बुलंद आवाज से तमगा लगाता कोई बेबाकी का। किसी किस्मत पे...
डॉ. संजय दानी की ग़ज़ल संग्रह ‘चश्मेबद्दुर’ मेरी नज़र में- प्रदीप भट्टाचार्य 4 weeks ago पेशे से चिकित्सक, कवि, साहित्यकार डॉ. संजय दानी मेरे बड़े अज़ीज़ साहित्यिक मित्र हैं. इनकी लिखी लगभग सभी पुस्तकों के विमोचन में मेरा जाना हुआ....
कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी 4 weeks ago ▪️ • नमक की प्रयोजनीयता रसोई में रखे मर्तबान से चुटकियों में नमक लेकर जब कोई भोजन को सुस्वादु बनाता है तब नमक की प्रयोजनीयता...
कवि और कविता : पल्लव चटर्जी 4 weeks ago ▪️ • पल्लव चटर्जी [ • बांग्ला-हिंदी के प्रगतिशील कवि पल्लव चटर्जी की अब तक बांग्ला में पांच काव्य संग्रह 'खंडमेघ', 'जीवन के नाना रंग',...