कृति और कृतिकार- वीणा सिंह 2 weeks ago ▪️ • जीत की होड़ पैरों में बॅंधी बेड़ियों को आज तोड़कर रुख धाराओं का विपरीत मोड़कर बढ़ जाना मंज़िल की ओर सबको छोड़कर रख...
आरंभ की अंतर्ध्वनि- 1 : दीप्ति श्रीवास्तव 2 weeks ago ▪️ आरंभ की अंतर्ध्वनि - तारकनाथ चौधुरी [ संपादक एवं संयोजक ] • स्तम्भ उद्देश्य- साहित्य केवल शब्द नहीं, समय का साक्ष है. इस नवीन...
इस माह के कवि और कविता : तारक नाथ चौधुरी 3 weeks ago ▪️ • तारक नाथ चौधुरी [ • हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र विषयों में स्नातकोत्तर. 40 वर्षों का शैक्षणिक अनुभव. व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त, प्रगतिशील जन-विचारधारा की...
आरंभ साहित्यिक मंच : वीणा सिंह 1 month ago ▪️ • वीणा सिंह [ • छत्तीसगढ़ रिसाली भिलाई निवासी वीणा सिंह अंग्रेजी साहित्य एवं समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर हैं. • आपकी 15 से अधिक साझा...
हिंदी दिवस पर विशेष : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’ 1 month ago ▪️ • हिंदी का गुरुत्व सम्मान - डॉ. विजय कुमार गुप्ता 'मुन्ना' [ दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] हिंदी पर अभिमान हमको हिंदी शान में गोष्ठी कर...
देश के सुविख्यात गीतकार डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ द्वारा रचित विश्वकर्मा कुल गीत लाँच हुआ 2 months ago 👉 • डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' लिखित यह कुल गीत केवल विश्वकर्मा कुल को ही नहीं अपितु पूरी मानव जाति को समर्पित है. भगवान श्री...
विशेष : हमारे श्री कृष्ण- डॉ. नीलकंठ देवांगन 2 months ago ▪️ • हमारे श्री कृष्ण - डॉ. नीलकंठ देवांगन [ शिवधाम कोडिया, दुर्ग] जीवन के पर्याय प्रेरणा हैं श्री कृष्ण संपूर्ण जीवन के प्रतीक हैं...
आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. दीक्षा चौबे 2 months ago ▪️ • गीत {1} खेत-बावली बाड़ी आँगन, ठाँव नहीं खोने देना। पुरखों की अनमोल धरोहर, गाँव नहीं खोने देना।। घर-घर मिलता नेह-निमंत्रण, अपनापन संबंधों में।...
आरंभ साहित्यिक मंच : दीप्ति श्रीवास्तव 2 months ago ▪️ • सावन और सड़क हम आटो की कर रहे थे सवारी नेशनल हाईवे पर सरपट दौड़ती सावन का मजा दुगना कर रही थी फुहारे...
आरंभ साहित्यिक मंच : डॉ. विजय कुमार गुप्ता ‘मुन्ना’ 2 months ago ▪️ • चलन दुनियादारी का वक्त के पांव चुपचाप पहुंचते हैं चालाकी दर तक, बुलंद आवाज से तमगा लगाता कोई बेबाकी का। किसी किस्मत पे...