■विषय-विशेष पर रचना : •विद्या गुप्ता. 5 years ago ●पिता -विद्या गुप्ता [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] किसी ने पूछा- पिताजी घर में है सबकी नजरें सहसा उठ जाती है खुंटी की ओर....!! छाता चाबी टोपी...
■विषय-विशेष पर रचना : •पूजा विश्वकर्मा 5 years ago ●पापा की डिक्शनरी -पूजा विश्वकर्मा [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] [ ●पूजा विश्वकर्मा शोधार्थी हैं, बी.ए., एम. ए, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से और एमफिल पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी, रायपुर...
■विषय-विशेष पर रचना : •पूनम पाठक बदायूं. 5 years ago ●स्मृतियां शेष तुम्हारी -पूनम पाठक बदायूं [ इस्लामनगर,बदायूं-उत्तरप्रदेश ] बस स्मृतियाँ रह गयीं शेष तुम चले गए कौन से देश उंगली पकड़ चलाया होगा प्यार...
आज़ पिता दिवस के उपलक्ष्य पर डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’, अपने पिता स्व.रामप्रसाद विश्वकर्मा को समर्पित 9 दोहे. 5 years ago ●स्व.रामप्रसाद विश्वकर्मा. ● समझो उसको मिल गया ,जीवन का आधार जिसकी क़िस्मत में रहा , रोज़ पिता का प्यार ● गूँजे ख़ुशियों से सदा, घर...
■कविता आसपास : •ग़ज़ल : उजाला होने दो – •तारक नाथ चौधुरी. 5 years ago ●हवा खिलाफ है बेशक, लियाकत तुममें है 'तारक'. शमा की कर लो हिफाजत, उजाला होने दो. -तारक नाथ चौधुरी [ चरोदा, भिलाई-छत्तीसगढ़] न करो रौशनी...
■बाल ग़ज़ल : •डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago ●घबराना मत -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' [ कोरबा-छत्तीसगढ़ ] संकट से घबराना मत सच से आँख चुराना मत नेकी के पथ पर चलना राह ग़लत...
■कविता आसपास : •जितेन्द्र ‘कबीर’. 5 years ago ●एक सीमा जरूरी है -जितेन्द्र 'कबीर' [ चम्बा-हिमाचल प्रदेश ] रिश्तों में अनुचित मांग पर एक बार जब हम झुक जाते हैं, तो आने वाले...
■कविता आसपास : •राम कुमार चंद्रवंशी. 5 years ago ●एक बाग के फूल सभी हम -राम कुमार चंद्रवंशी [ राजनांदगांव-छत्तीसगढ़ ] यह दुनिया है एक बगीचा, नहीं उच्च अरु कोई नीचा, एक बाग के...
■कविता आसपास : •सरिता गुप्ता ‘आरजू’. 5 years ago ●प्रकृति -सरिता गुप्ता 'आरजू' [ रायगढ़-छत्तीसगढ़ ] काल के कपाल पर, सृष्टि के श्रृंगार पर सुरमयी पराग -कण सुगंध को बिखेरती है॥ प्रेम के महारास...
■कविता आसपास : •दिलशाद सैफ़ी. 5 years ago ●बचपन -दिलशाद सैफ़ी [ रायपुर-छत्तीसगढ़ ] बचपन इस जीवन के आरंभ काल का सबसे सुंदर अविस्मरणीय क्षण होता है... काश के हम न कभी बड़े...