कविता आसपास : रंजना द्विवेदी 2 years ago •चलो आज मैं तुम्हें लिखती हूँ - रंजना द्विवेदी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] अपनी हर जज़्बात,एहसास बयां करती हूं चलो आज मैं तुम्हे लिखती हूं...
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष रचना : तारकनाथ चौधुरी 2 years ago • समय शेष होने से पहले - तारकनाथ चौधुरी { चरोदा, भिलाई, छत्तीसगढ़ } अब भी शेष है गाँव में मेरे शीतल छाया का आवरण।...
गीत : डॉ. दीक्षा चौबे 2 years ago • गीत • दीपक जैसा बनकर जीना - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग : छत्तीसगढ़ ] घोर तिमिर की निष्ठुरता से , लड़ना डटकर होता...
कविताएं : श्रीगोपाल नारसन [ रुड़की, उत्तराखंड ] 2 years ago किसी के लिए दिन है किसी के लिए दिन है किसी के लिए रात है सबका अपना भाग्य या कर्मों की बिसात है जैसा जैसा...
कवि और कविता : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय 2 years ago 👉 डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय ▪️ भूख अरबों - खरबों वर्ष पहले धरती थी आग का गोला ठीक भूखे गरीब के धधकते खाली पेट की तरह...
परम पूज्य देव लोकगामी आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज को समर्पित श्रद्धांजलि गीत – डॉ. शिवसेन जैन ‘संघर्ष’ 2 years ago 👉 • डॉ. शिवसेन जैन 'संघर्ष' [ शहडोल, मध्यप्रदेश ] • गीत हूँ निशब्द मैं किन शब्दों में, श्रद्धा सुमन चढ़ाऊँ. छंद बुद्ध कर किन...
रचना आसपास : फरीदा शाहीन 2 years ago 👉 फरीदा शाहीन बाल भटकाव बचपन की बेनूरी खिलखिलाहट, सड़कों पर बालों की हलचल हवाओं में। उन नन्हें पाँवों की धूप में रौशनी, जब खो...
रचना आसपास : गिरीश चंद्र मिश्र ‘शरद’ 2 years ago 👉 गिरीश चंद्र मिश्र 'शरद' [ फरीदपुर, बरेली, उत्तरप्रदेश ] • आरती कीजै दशरथनंदन की आरती कीजै दशरथनंदन की। कुम्भदलन दसमुखभंजन की।। टेक 0 भरत...
कविता आसपास : श्रीमती सोमाली शर्मा 2 years ago 👉 सोमाली शर्मा • प्रेम का स्पर्श - सोमाली शर्मा [ भिलाई, जिला- दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] कैसे हो प्रेम? जानने की बड़ी इच्छा है. आज...
कविता आसपास : रंजना द्विवेदी 2 years ago 👉 रंजना द्विवेदी • मजदूर - रंजना द्विवेदी [ रायपुर : छत्तीसगढ़ ] मजदूर जब देखती हूं मजदूरों को तो सदा ही सोचती हूं कैसा...