■कविता आसपास : ■झरना मुखर्जी. 5 years ago ■गुरु वही जो जीना सिखा दे. -झरना मुखर्जी. [ वाराणसी, उत्तरप्रदेश ] गुरु वही जो जीना सिखा दे हीरे सा पहचान बनाना खुद को ही...
■पुस्तक समीक्षा : ‘युद्धवीर’. •कवि-भूषण चिपड़े. •समीक्षक-गोविंद पाल. 5 years ago ■काव्य संग्रह-'युद्धवीर'. युवा कवि भूषण चिपड़े ने मुझे उनकी काव्य संग्रह युद्धवीर मुझे भेंट किया था, समय निकाल कर जब उसको मैंने पढ़ा तो यही...
■इस माह के छत्तीसगढ़ी कवि : ■दुर्गा प्रसाद पारकर. 5 years ago ■काके लागू पाय. गुरू गोविन्द दोऊ खड़े काके लागू पाँय बलिहारी गुरू आपणो गोविन्द दिये बताय एकलव्य ह द्रोणाचार्य ल कथे - मँय धरम संकट...
■कविता आसपास : •तारकनाथ चौधुरी. 5 years ago ●पावस पथिक -तारकनाथ चौधुरी [ चरोदा-भिलाई-छत्तीसगढ़] अंजान देश के तुम हे पथिक! पावस ठहरो इस धाम तनिक! तपते जब तन-मन तपती धरा हो जाती कृश...
■ग़ज़ल : •गोविंद पाल. 5 years ago ●आदमी अब इस कदर गिर गये 'गोविंद' ●जिंदगी एक फटे हुए कैलेंडर हो गये. -गोविंद पाल [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] पोखर के हैसियत वाले आज समंदर...
■ग़ज़ल : •डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago ●घटाओं ने ग़म दिया होगा -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' [ कोरबा-छत्तीसगढ़ ] जब घटाओं ने ग़म दिया होगा भीग जाने का मन हुआ होगा टकटकी...
■कोरोना के तीसरी लहर के प्रति आगाह करते हुए अमिताभ भट्टाचार्य एक कोशिश कविता के रूप में- 5 years ago ●अभी भी समय है सम्हल जा. -अमिताभ भट्टाचार्य. [ भिलाई-छत्तीसगढ़] ●सम्पर्क- ●91098 33227 ◆◆◆ ◆◆◆
■ग़ज़ल : •डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago ●घटाओं ने छुआ होगा. -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग'. [ कोरबा-छत्तीसगढ़ ] जब घटाओं ने कल छुआ होगा भीग जाने का मन हुआ होगा कर रहा...
■ग़ज़ल : डॉ. अमर पंकज. 5 years ago ●मौत से चाहे तुम डर लो,मैं अपनी बात कहूंगा. ●जिसको जो करना है कर लो,मैं अपनी बात कहूंगा. -डॉ. अमर पंकज. [ दिल्ली विश्वविद्यालय ]...
■कविता : जितेन्द्र ‘कबीर’. 5 years ago ●ईमानदारी का डंडा. -जितेन्द्र 'कबीर'. [ चम्बा-हिमाचल प्रदेश ] चुनाव में हर एक ईमानदार, निष्पक्ष व सजग उम्मीदवार एक संभावित 'डंडा' है राजनीतिज्ञों की खुशामद...