व्यंग्य : नो हार, ओन्ली जीत ❗ – राजेंद्र शर्मा 4 years ago डैमोक्रेसी को अपने नागपुरी भाई पहले ‘‘मुंड गणना’’ गलत नहीं कहते थे! छोटे-बड़े, ऊंचे-नीचे, अच्छे-बुरे और यहां तक कि महान और मामूली तक का, कोई...
🟥 अब तेरा क्या होगा रे बुलडोजर ❗ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा. 4 years ago मोदी जी को इस देश को विश्व गुरु बनाने के लिए और क्या-क्या त्यागना पड़ेगा! पहले, भाई लोगों ने बेचारे से अच्छे दिनों का त्याग...
🟥 प्ररंपरा या कुटेव ❓ – व्यंग्य : राजेंद्र शर्मा 4 years ago कोई तो इन हिमाचलियों को समझाओ। बेकार की जिद पकड़कर बैठे हुए हैं। कहते हैं कि हमारी यही परंपरा है। आज की नहीं‚ पुरानी परंपरा...
▪️ न्यायपालिका के अपशकुनी के साथी : वैसे ही चलना दूभर था अंधियारे में…इनने और घुमाव ला दिया गलियारे में – आलेख बादल सरोज. 4 years ago भारत दुनिया के उन विरले देशों में से एक है, जिसमें रहने वाली आबादी का अपने-अपने समय की न्याय प्रणालियों में अगाध और अटूट भरोसा...
▪️ मशहूर शायर गीतकार साहिर लुधियानवी : ‘ जंग तो ख़ुद ही एक मसअला है, जंग क्या मसअलों का हल देगी ‘ : वो सुबह कभी तो आएगी – गणेश कछवाहा. 4 years ago मशहूर शायर एवं गीतकार साहिर लुधियानवी का जन्म संयोग से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के दिन यानी आज 8 मार्च को लुधियाना में हुआ था।वैसे उनका...
▪️ व्यंग्य : दीवाली के कूंचे से यूँ लक्ष्मी जी निकलीं ❗ – राजेंद्र शर्मा 4 years ago लक्ष्मी निवास की ड्योढ़ी की सीढियां चढ़ते-चढ़ते, उलूक राज का दिल अनिष्ट की आशंकाओं से बैठा जा रहा था। ऑफीशियली देवी लक्ष्मी के नाम किए...
🟢 आजादी के अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. अशोक आकाश. 4 years ago 🟢 अक्षुण्ण रहे हमारी स्वतंत्रता अनवरत प्रगति पथ पर अग्रसर हो हमारा देश आजादी के अमृत महोत्सव पर समूचा देश गौरव की अनुभूति कर रहा...
🟣 अमृत महोत्सव पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू [दुर्ग] 4 years ago 🟣 तिरंगा भारत की पहचान तिरंगा आन-बान औ' शान तिरंगा। आसमान में लहराता है हम सबका अभिमान तिरंगा। सरहद पर सैनिक के हाथों हरदम पाता...
🟣 समसामयिक चिंतन : डॉ. अरविंद प्रेमचंद जैन [भोपाल]. 4 years ago 🟣 वर्तमान में अमृत महोत्सव की उपादेयता कितनी है ? मनुष्य के जन्म से मृत्यु तक को आयु कहते हैं .आयु तो निर्बाध रूप से...