रचना आसपास : डॉ. दीक्षा चौबे 2 years ago 🟥 गीत - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग छत्तीसगढ़ ] स्वागत है ऋतुराज तुम्हारा , अभिनंदन है आज तुम्हारा । खेतों में सरसों पियराई ,...
रचना आसपास : गणेश कछ वाहा 2 years ago 🟥 नया कीर्तिमान रचेंगे - गणेश कछवाहा [ रायगढ़ छत्तीसगढ़ ] झोपड़ियों के चूल्हों से जब धुँआ निकलता है तब मन को यह सोचकर चैन...
रचना आसपास : गीता जुन्ज़ानी 2 years ago ❤ बगिया के फूल - गीता ज़ुन्ज़ानी [ प्रधानाध्यापिका, दिल्ली पब्लिक स्कूल, रिसाली भिलाई छत्तीसगढ़ ] हम ईश्वर की बगिया के फूल हैं हम थोड़े...
रचना आसपास : पल्लव चटर्जी 2 years ago 🟥 आखिरी पीढ़ी - पल्लव चटर्जी [ भिलाई-दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] संभवतः हमारी पीढी़ ही वो आखिरी पीढी़ है जिनकी आँखों में मित्रों से मिलने की...
रचना आसपास : अरुण कुमार निगम 2 years ago 🟥 तब फागुन, फागुन लगता था -अरुण कुमार निगम [ दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] चौपाल फाग से सजते थे नित ढोल -नंगाड़े बजते थे तब फागुन...
कविता आसपास : तेज नारायण राय 2 years ago ▪️ सावधान रहो ऐसे लोगों से! - तेजनारायण राय [ दुमका झारखण्ड ] गलती करने वाला व्यक्ति नहीं मानेगा कभी अपनी गलती अपनी गलती को...
गज़ल : डॉ. दीक्षा चौबे 2 years ago ❤ गज़ल - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग छत्तीसगढ़ ] जुरमिल सबो झन रहव संगी । गोठ ल अपन मन के कहव संगी ।। एके...
सजल : डॉ. दीक्षा चौबे 2 years ago ❤ सजल - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग छत्तीसगढ़ ] हाथ से फिसले नहीं पल,वक्त रहते काम कर लें । हार कर रुकना नहीं है,जीत...
बाल गीत : दुर्गा प्रसाद पारकर 2 years ago ▪️ दुर्गा प्रसाद पारकर ▪️ अकसी अकसी बर लम्हरी पातर लकड़ी धर ले नानकुन लकड़ी बांधके कोकानी कर ले कोकानी करे के बाद अकसी बन...
कविता आसपास : डॉ. अशोक आकाश 2 years ago 🟥 आधुनिक द्रोपदी - डॉ. अशोक आकाश [ बालोद छत्तीसगढ़ ] जबरदस्ती एक दिन मुझे धृष्टराज बनाया गया । द्रौपदी को भरी सभा में चीरहरण...