कृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष : आठे कन्हैया – डॉ. दीक्षा चौबे [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago फूल के पलना फूल के डोरी ,सुघ्घर हमन बनाबो । जनम धरे हे नन्द लाला चलव सखी झुलना झुलाबो । स्याम सलोना चंचल नैना ,अद्भुत...
शिक्षक दिवस पर विशेष : श्रीमती वर्षा ठाकुर 3 years ago 💓 शिक्षक निर्माता है - श्रीमती वर्षा ठाकुर [ प्राचार्य, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जुनवानी, भिलाई, छत्तीसगढ़ ] आज सबने , चाहे -अनचाहे ,जाने अनजाने...
शिक्षक दिवस पर विशेष : श्रीमती रंजना द्विवेदी 3 years ago 💓 शिक्षक -श्रीमती रंजना द्विवेदी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] शिक्षक ज्ञान प्रदान कर स्वावलंबी बनाता है शिक्षा विहीन मनुष्य को समाज में सम्मान दिलाता है...
शिक्षक दिवस पर विशेष : उज्ज्वल प्रसन्नो 3 years ago 💓 गुरु -उज्जवल प्रसन्नो [ भिलाई छत्तीसगढ़ ] आज्ञा दीपक शिक्षा ज्योति, ज्ञान प्रकाश जगमगाए । शिक्षक पथ प्रदर्शक जीवन मार्ग दिखाए ।। धैर्य से,...
कविता : कहाँ गे वो दिन – डॉ. दीनदयाल दिल्लीवार [अनुवादक दुर्गा प्रसाद पारकर] 3 years ago सुरता आथे घेरी बेरी वो गाँव के जमाना वो पहाटिया के अलगोजवा,वो नाचा गाना | संझा चौपाल म बेफिकर होके मनखे मन मिटाथे दिन भर...
पर्यावरण संरक्षण पर रचना : अपना कुछ देवें पेड़ लगाकर – बलदाऊ राम साहू [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago चाहे आम, नीम हो या फिर हो गुलमोहर अपनी छाँव बिठा लेते हैं हाथ पकड़कर। हमें बचाते हैं कड़ी-धूप औ' बारिश से हम सब आनंदित...
गज़ल : शुचि भवि { दुर्ग छत्तीसगढ़ } 3 years ago चंद्रयान शान मेरी और आन बान, चँद्रयान सँग देश लिख रहा नया विधान, चँद्रयान सँग बात गर्व की बहुत है पहुँचे हम भी चाँद पर...
दो ग़ज़ल : डॉ. रामकुमार रामरिया {बालाघाट मध्यप्रदेश} 3 years ago ▪️ करवटों के पहलुओं से सौंपकर सूरज गया है रात की गश्ती मुझे नींद वैसे भी कोई लगती नहीं अच्छी मुझे करवटों के पहलुओं से...
कविता आसपास : विद्या गुप्ता [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago हम चलेंगे साथ - साथ हम चलेंगे साथ-साथ मैं तुम्हारी जमीन हूं सच मानो प्रिये वहशी नहीं हूं. मैं.....!! मैं मेरा ह्रदय तुम्हारा अधिकार है...
कविता : मेरा देश मेरा वतन – विद्या गुप्ता [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago •मेरा देश मेरा वतन जैसे पंच तत्वों से बना शरीर प्राणों के बगैर प्राणवान नहीं होता ठीक उसी तरह कोई भूखंड आकाश का हिस्सा हवा...