■ 21 मार्च विश्व कविता दिवस के उपलक्ष्य पर- विजय पंडा [छत्तीसगढ़].
♀ तब कविता लिखता हूँ. __________________ अराजकता समाज में बोलने लगे कुकुरमुत्ते स्वर्णी पौधे को दबाने लगे पालनहार कृषक सिर पर हाथ दे बैठने लगे...