■छोटी कविता : मुस्कान – परमेश्वर वैष्णव.
4 years ago
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मेरी कविता सुनकर
वे अन्तस् से
वे लोट पोट हो गए
कहा प्लीज एक और कविता सुनाइये
मैने कहा
हंसी के आगे किसी की क्या बपौती
मुस्कान से बढ़कर
दुनिया में कोई कविता नही होती
■कवि संपर्क-
■94255 57048
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chhattisgarhaaspaas
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