■मज़दूर दिवस- 1मई पर विशेष रचना आसपास : •विद्या गुप्ता 5 years ago ●मज़दूर दिवस पर कुछ पंक्तियों की छोटी-छोटी सी रचना. -विद्या गुप्ता [ दुर्ग-छत्तीसगढ़.] 1. ●पगला काटता रहा पहाड़ पिघलाता रहा फौलाद पाटता रहा खाइयां बनाता...
■मज़दूर दिवस- 1मई पर विशेष : •ओमप्रकाश साहू ‘अंकुर’ की कविता. 5 years ago ●लॉक डाउन औऱ मज़दूर -ओमप्रकाश साहू 'अंकुर' [ सुरगी,राजनांदगांव, छ. ग.] हम मजदूर हैं लाकडाउन में हम ही सबसे ज्यादा मजबूर हैं. अपने गाँव /शहर...
मई दिवस-1 मई पर विशेष, रचना आसपास. •मिथिलेश राय 5 years ago ●साथी -मिथिलेश राय [ शहडोल-मध्यप्रदेश ] यदि हम नही बोलेंगे, करते रहेंगें, गोलमोल, बातें ही साथी लेते रहेंगें कुछ लोगो के ही नाम उन्ही के...
मज़दूर दिवस-1 मई पर विशेष, अरुण कुमार निगम. 5 years ago ●नहीं ख़ुद को बसा पाये. ●सभी का घर बनाते हैं. -अरुण कुमार निगम [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] कुदाली - फावड़ा लेकर , सृजन के गीत गाते...
रचना आसपास- डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago ●हिन्द की-यमदूत मँडराने लगे -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' [ कोरबा-छत्तीसगढ़ ] आजकल अपनों से घबराने लगे हैं सामने यमदूत मँडराने लगे हैं मौत की जब...
रचना आसपास- कमल यशवंत सिन्हा. 5 years ago ●कवि हूँ उम्मीद लिखूंगा जीवटता लिखूंगा अदम्य साहस लिखूंगा. -कमल यशवंत सिन्हा [ रायगढ़-छत्तीसगढ़ ] मैं नहीं लिखूंगा चुनावी रैलियों में उमड़ी भीड़ पर ऑक्सिजन...
■रचना आसपास – •डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago ●हिन्दकी-कबाड़ी है -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' [ कोरबा-छत्तीसगढ़ ] जौहरी की जगह कबाड़ी है नासमझ धूर्त है , अनाड़ी है बातें करता है रोज़ सागर...
ग़ज़ल- •दिलशाद सैफी 5 years ago ●जीते तो हमसब मिल, विजय पताका लहरायेंगे, हारे तो एक इतिहास बनके, पन्नों में रह जाएंगे. -दिलशाद सैफी [ रायपुर-छत्तीसगढ़ ] फिर देखो इतना गंभीर...
हज़ल- रामबरन कोरी ‘कशिश’ 5 years ago ●इम्तिहाँ हमने जवानी में, दिया था जो 'कशिश'उम्र, गुज़री मगर अब तक, न नतीज़ा निकला. -रामबरन कोरी 'कशिश'. जिसे समझा था पूरा वो अधूरा निकला...
रचना आसपास- सुधा पंडा. 5 years ago ●सब तरफ़ फैलावें जागरूकता पर्यावरण है हमारी आवश्यकता -सुधा पंडा [ घरघोड़ा-रायगढ़-छत्तीसगढ़] हम सबका ध्येय है कहना, पेड़ धरा की है सुंदर गहना। आओ !...