स्मृति शेष : स्व. ओमप्रकाश शर्मा : काव्यात्मक दो विशेष कविता – गोविंद पाल और पल्लव चटर्जी
▪️ तुम्हें कैसे भुलूं दोस्त! - गोविंद पाल कैसे भुलूं तुम्हें दोस्त! मेरे रग रग में जो बसे हो, जीवन के हर चुनौती को हर...