■विश्व पुस्तक दिवस के उपलक्ष में विद्या गुप्ता की एक रचना. 4 years ago ♀ रुकिए मत लिखते रहिए...!! ♀ विद्या गुप्ता [ दुर्ग छत्तीसगढ़ ] किसी दिन थक कर अवश्य लौटेगी पीढ़ी फिर किताबों की ओर....!! बांध नहीं...
■कविता : तेज़ नारायण राय [ दुमका झारखंड ] 4 years ago ♀ मैं इतना भी खुदगर्ज नहीं ♀ कवि संपर्क- ♀ 62075 86995 ◆◆◆ ◆◆◆ ◆◆◆
■कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी. 4 years ago ♀ हिन्दी ग़ज़ल _________ चुप्पी के पट खोल हृदय के भाव मुखरित हो गये। हम भी इस युग के नये रंगों से परिचित हो गये।।...
■कविता आसपास : उज्ज्वल पांडेय [धनबाद झारखंड]. 4 years ago ♀ ओह स्त्रियां पौराणिक कहानियों में जब कभी संतान प्राप्ति का यज्ञ हुआ पुत्रों के लिए हुआ.. भारतीय सभ्यता के सबसे बड़े नायक के जन्म...
■शहीद दिवस पर विशेष : गीता विश्वकर्मा ‘नेह’. 4 years ago ♀ वीर शहीदों को नमन ♀ गीता विश्वकर्मा 'नेह' [ कोरबा छत्तीसगढ़ ] भारत भू के वीर शहीदों,बारंबार प्रणाम हैं । अमर ज्योति जलकर कहती...
■गीत : डॉ. सुनीता सिंह ‘सुधा’ [वाराणसी]. 4 years ago ♀ गीत चिंतन के... ______ गीत चिंतन के चमन में फूलता फलता रहा । भाव-गंगा में नहाकर होंठ पर सजता रहा ।। प्रीति पुलकित स्वाति...
■विश्व कविता दिवस पर विशेष : गीता विश्वकर्मा ‘नेह’ [कोरबा छत्तीसगढ़]. 4 years ago ♀ कुंडलियाँ 1. हे कविता रानी सखी, उर की हो आल्हाद। चित्त कल्पना शब्द में,लिखती मन का नाद ।। लिखती मन का नाद,लेखनी हर विचार...
■विश्व कविता दिवस पर विशेष : शरद कोकास [दुर्ग छत्तीसगढ़]. 4 years ago ♀ आओ कविता ! ---------------------------------------- आओ हमारे जीवन में हमारे दुख छूने की कोशिश करो अपने आदिम बोध में उगी कांटो भरी झाड़ियाँ हैं हम...
■ 21 मार्च विश्व कविता दिवस के उपलक्ष्य पर- विजय पंडा [छत्तीसगढ़]. 4 years ago ♀ तब कविता लिखता हूँ. __________________ अराजकता समाज में बोलने लगे कुकुरमुत्ते स्वर्णी पौधे को दबाने लगे पालनहार कृषक सिर पर हाथ दे बैठने लगे...
■ 20 मार्च गौरेया दिवस पर विशेष : मिथिलेश रॉय [शहडोल मध्यप्रदेश]. 4 years ago ♀ गौरेया __________________ प्यारी, मेरी प्यारी गौरैया, झुंड की झुंड आती थी तुम कभी घर,आँगन में तुम्हारी चहचाहट से भरी होती सुबह,दुपहरी, सांझ, मां सूखने...