■ग़ज़ल : ■लतीफ़ खान ‘लतीफ़’. 5 years ago भीड़ में गूंगों के जब से हम हुए शामिल 'लतीफ़'. आ गई है रास हम को अब ये तन्हाई बहुत. -लतीफ़ खान 'लतीफ़' [ दल्लीराजहरा-छत्तीसगढ़...
■ग़ज़ल : ■अशोक कुमार ‘नीरद’. 5 years ago 'नीरद' एक झूठी आस भी नहीं बँधेगी क्या दिल तरस गया है इस सवाल के जवाब को. -अशोक कुमार 'नीरद' [ मुंबई-महाराष्ट्र ] जुगनूँ आइना...
■मुंशी प्रेमचंद की कहानियों की कृतियों पर आधारित आठ कविताएं. 5 years ago -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग'. 【 कोरबा-छत्तीसगढ़ 】 1.बाल विवाह बाल विवाह का दंश झेल रही सुभागी को आजतक न कोई सूरज मिला न सज्जन सिंह...
■मुंबई के अशोक कुमार ‘नीरद’ की दो ग़ज़लें. 5 years ago ●1 हम अद्यतन हुए तो पैमाने नये आये फिर खाली हाथ उसकी महफ़िल से चले आये सुनते ही बात अचरज से भर गये हैं यारो...
■कविता आसपास. ■विद्या गुप्ता. 5 years ago ●कला की कसौटी पर. -विद्या गुप्ता. [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] चित्रकार तुम्हारी तूलिका ब्रह्मा की तरह बसा देती है कागज पर एक पूरी दुनिया सागर के...
■कविता आसपास : ■तारक नाथ चौधुरी. 5 years ago ●भाव छंद में बंध जाओ. -तारक नाथ चौधुरी. [ चरोदा,भिलाई-छत्तीसगढ़ ] ऐसा नहीं कि पीर नहीं, शेष,नयन में नीर नहीं। चूका हूँ हर बार लक्ष्य...
■आगे सावन महीना : ■डॉ. पीसी लाल यादव. 5 years ago ●झिमिर-झिमिर पानी गिरे, ●ओरवाती ले मोती झिरे. -डॉ. पीसी लाल यादव. [ गंडई-छत्तीसगढ़ ] झिमिर- झिमिर पानी गिरे, ओरवाती ले मोती झिरे। आगे सावन महीना...आगे...
■कविता : ■पंखुरी सिन्हा. 5 years ago ●घोंसला -पंखुरी सिन्हा [ दिल्ली ] चिड़िया के उजड़े घोंसले से ज़्यादा उदास और कुछ नहीं होता मन उससे भी ज्यादा उदास हो गया देख...
■महेन्द्र कुमार मद्देशिया की दो कविताएं. 5 years ago ●मूक दीवारों के हज़ारों सवाल. मूक दीवारों के हजारों सवाल किस सवाल का आप देंगे जवाब ? लाशें बिछ रही है जैसे बिछे चारपाईयाँ बेसुध...
■कविता आसपास : ■झरना मुखर्जी. 5 years ago ■गुरु वही जो जीना सिखा दे. -झरना मुखर्जी. [ वाराणसी, उत्तरप्रदेश ] गुरु वही जो जीना सिखा दे हीरे सा पहचान बनाना खुद को ही...