कविता आसपास : पल्लव चटर्जी 2 years ago ▪️ खुशी ख़ुशी कोई रेडिमेड गारमेंट नहीं न ही उसे पकाया जाता है यह एक दृष्टिकोण है जो कर्मों के परिणाम में निहित है। भावना...
कविता आसपास : सुधा वर्मा 2 years ago • बॉब कट - सुधा वर्मा [ रायपुर : छत्तीसगढ़ ] जाने कितने दिन गुजारे उधेड़ बुन में मगन थी मैं बस एक ही धुन...
‘छत्तीसगढ़ आसपास’ •साहित्य { पितृ दिवस पर विशेष कविताएं } •तारकनाथ चौधुरी •डॉ. दीक्षा चौबे •रंजना द्विवेदी •डॉ. बलदाऊ राम साहू 2 years ago ▪️ तारकनाथ चौधुरी [ चरोदा-भिलाई, छत्तीसगढ़ ] श्रीचरणेषु बाबा! आज तुम अदृश्य हो किंतु अस्पृश्य नहीं ईश्वर की तरह ही हर क्षण तुम्हारी उपस्थिति है,,,...
साहित्य आसपास : विनय सागर जायसवाल 2 years ago ▪️ ग़ज़ल कुछ दोस्त हमारे ही वफ़ादार नहीं थे वरना तो कहीं हार के आसार नहीं थे ख़ुद अपने हक़ों के हमीं हक़दार नहीं थे...
कविता आसपास : रंजना द्विवेदी 2 years ago •चलो आज मैं तुम्हें लिखती हूँ - रंजना द्विवेदी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] अपनी हर जज़्बात,एहसास बयां करती हूं चलो आज मैं तुम्हे लिखती हूं...
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेष रचना : तारकनाथ चौधुरी 2 years ago • समय शेष होने से पहले - तारकनाथ चौधुरी { चरोदा, भिलाई, छत्तीसगढ़ } अब भी शेष है गाँव में मेरे शीतल छाया का आवरण।...
गीत : डॉ. दीक्षा चौबे 2 years ago • गीत • दीपक जैसा बनकर जीना - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग : छत्तीसगढ़ ] घोर तिमिर की निष्ठुरता से , लड़ना डटकर होता...
कविताएं : श्रीगोपाल नारसन [ रुड़की, उत्तराखंड ] 2 years ago किसी के लिए दिन है किसी के लिए दिन है किसी के लिए रात है सबका अपना भाग्य या कर्मों की बिसात है जैसा जैसा...
कवि और कविता : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय 2 years ago 👉 डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय ▪️ भूख अरबों - खरबों वर्ष पहले धरती थी आग का गोला ठीक भूखे गरीब के धधकते खाली पेट की तरह...
परम पूज्य देव लोकगामी आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज को समर्पित श्रद्धांजलि गीत – डॉ. शिवसेन जैन ‘संघर्ष’ 2 years ago 👉 • डॉ. शिवसेन जैन 'संघर्ष' [ शहडोल, मध्यप्रदेश ] • गीत हूँ निशब्द मैं किन शब्दों में, श्रद्धा सुमन चढ़ाऊँ. छंद बुद्ध कर किन...