बसन्त राघव की छत्तीसगढ़ी कविता, जै सिरी राम 2 years ago ▪️ बसंत राघव सफ्फा जर भुंजा के रावन ऐसन मोला लागत हे मेघनाद अउ कुंभकरन हर संगे संग धुधुवावत हे फटक्का कस हाड़ा फूटय चर्बी...
कवि और कविता : डॉ. प्रेम कुमार पाण्डेय 2 years ago 🟥 हौसला घुप्प अंधेरी भयावह सुरंग में फंसे बिलबिलाते बाहुबली छीन लेना चाहता है धरती- आकाश बेदखल कर देना चाहता है सुकून और वजूद से।...
समसामयिक विशेष कविता : प्रकाशचंद्र मण्डल 2 years ago ▪️ माँ का रूप क्या ऐसा ही होता है! - प्रकाशचंद्र मण्डल [ भिलाई छत्तीसगढ़ ] मुझे ज्ञात है - मां को भगवान के आसन...
कविता : दुर्गा प्रसाद पारकर 2 years ago 🟥 हसदेव 22 जनवरी 2024 के दिन प्रभु श्रीराम अयोध्या म बिराजे के बाद अपन ममा गाँव छत्तीसगढ़ म हसदेव घुमे बर आही त माथ...
रचना आसपास : दुर्गा प्रसाद पारकर 2 years ago ▪️ महतारी वंदन -दुर्गा प्रसाद पारकर [ भिलाई, जिला-दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] जब ले सरकार ह महतारी वंदन के घोषणा करे हे तब ले महतारी मन...
रचना आसपास : दुर्गा प्रसाद पारकर 2 years ago ▪️ राम नाम सत्त हे - दुर्गा प्रसाद पारकर [ भिलाई, जिला- दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] राम नाम सत्त हे सबके इही गत्त हे तभो ले...
रचना आसपास : तारकनाथ चौधुरी 2 years ago 💜 काश ऐसा होता - तारकनाथ चौधुरी [ सेवानिवृत व्याख्याता,चरोदा - भिलाई, जिला- दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] बारिश की बूँदो का जादुई असर क़ब्र में सोये...
कविता आसपास : पल्लव चटर्जी 2 years ago ❤ गुजराती जा रही है रात - पल्लव चटर्जी [ भिलाई : छत्तीसगढ़ ] अभी रात के दस ही बजे हैं मगर बर्फीली ठंड ने...
नववर्ष पर विशेष : बलदाऊ राम साहू 2 years ago 💜 नए साल में -बलदाऊ राम साहू [ दुर्ग छत्तीसगढ़ ] आओ मिलकर खुशी मनाएँ नए साल में नए-नए हम मित्र बनाएँ नए साल में।...
विशेष : श्रीमती दीप्ति श्रीवास्तव 2 years ago 💜 लो फिर बदल गया कैलेंडर - दीप्ति श्रीवास्तव [ भिलाई, जिला- दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] लो फिर बदल गया कैलेंडर वही धूप वही हवा वही...