नववर्ष विशेष : महेश राठौर ‘ मलय ‘ 3 years ago 💜 झाँका नवल प्रभात - महेश राठौर ' मलय ' [ जांजगीर, छत्तीसगढ़ ] खोल दरीचा पूर्व का, झाँका नवल प्रभात। लाया है भर-टोकरी, सौ-सौ-सौ...
नववर्ष विशेष : डॉ. दीक्षा चौबे 3 years ago 💜 नए साल - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] अंतस में स्नेह-दीप बालें नए साल में । खुशियों भरे गीत गा लें नए...
नववर्ष विशेष : तारकनाथ चौधुरी 3 years ago 💜 स्वागत है! नववर्ष तुम्हारा - तारकनाथ चौधुरी [ चरोदा भिलाई, छत्तीसगढ़ ] कितना भी हो दर्द विगत का संचित फिर भी, वर्ष नये के...
कविता आसपास : डॉ. प्रेम कुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरी, आंध्रप्रदेश] 3 years ago ▪️ हौसला घुप्प अंधेरी भयावह सुरंग में फंसे बिलबिलाते बाहुबली छीन लेना चाहता है धरती- आकाश बेदखल कर देना चाहता है सुकून और वजूद से।...
इस माह के कवि : प्रकाशचंद्र मण्डल 3 years ago ▪️ कवि प्रकाशचंद्र मण्डल [ •इस माह के कवि प्रकाशचंद्र मण्डल. •हिंदी- बांग्ला के चर्चित कवि व नाट्यकार प्रकाशचंद्र मण्डल के एक हिंदी काव्य संग्रह...
कविता आसपास : तेज नारायण राय 3 years ago ❤ मैं नहीं कहता कि मैं कवि हूँ... - तेज नारायण राय [ दुमका झारखंड ] मैं नहीं कहता कि मैं कवि हूं न ही...
कविता आसपास : ‘ एहसास ‘ – रंजना द्विवेदी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] 3 years ago एहसास, बीते हुए पलों की जज़्बात लिखा है कविता नहीं मैने अपना एहसास लिखा है कभी कठिनाइयों के दिन कभी सुकून भरी रात लिखा है...
कविता आसपास : डॉ. प्रेम कुमार पाण्डेय 3 years ago ❤ भूत के पांव किसी ने मज़ाक में कहा मेरा हाथ सूंघो मेरे दादा के दादा के दादा ने घी खाया था। फिर लोगों ने...
कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी [चरोदा- भिलाई, छत्तीसगढ़] 3 years ago ❤ कैसे हो वर्तमान? ठीक-ठीक याद नहीं.. कितने दशकों बाद आया था- मैं गाँव, अपने अतीत से मिलने सोचा था- मिल जायेगा अमरइया की छाँव...
कहानी : ‘ इंसानियत ‘ – सुधा वर्मा [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] 3 years ago नीलिमा और राजेश रायपुर के नये बने कालोनी में रहते थे। कालोनी बहुत बड़ी थी। कुछ सेपरेट मकान थे साथ में ही मल्टीस्टोरी बिल्डिंग भी...