कविता आसपास : ‘ धूप गुन गुनाने लगी ‘ – डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय 3 years ago धूप गुनगुनाने लगी 💓 नवोढ़ा धूप अब गुनगुनाने लगी यामिनी लिहाफ में जाने लगी चांदनी से दर्द सम्हाला न गया सूनी रात में आंसू बहाने...
विशेष : सूर्य उपासना के महा परब – छठ पूजा • डॉ. नीलकंठ देवांगन 3 years ago 💓 सुरुज के अराधना के महा परब छठी मैया के पूजा के खास परब शुद्धता पवित्रता के पवित्र परब संतान सुख पाय के तपस्या परब...
चुनावी विशेष कविता : ‘ वोट हमें ही देना भाई – रंजना द्विवेदी [रायपुर छत्तीसगढ़] 3 years ago वोट हमें ही देना भाई वोट हमें ही देना भाई चुनावी दौर है मच रही नेताओ मे होड़ है एक नेता ने कहा वोट हमे...
विशेष अवसर पर रचना : पिछले साल किसे मारा था ? – अरुण कुमार निगम [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago पिछले साल किसे मारा था ❓ फिर रावण को मार रहे हो ! पिछले साल किसे मारा था ? देख सको तो देखो अब भी,...
नवरात्रि पर विशेष कविता ‘ माँ ‘ – डॉ. मंजुला पांडेय [नैनीताल उत्तराखंड] 3 years ago 💓 माँ मां आती है पास धरती के जीवों के लिए कण कण को तृप्त करने के लिए देती है आशीर्वाद फलने फूलने के लिए...
पर्व विशेष रचना – गीता जुन्ज़ानी 3 years ago ▪️ विजयदशमी विजयदशमी पर्व विजय का रावण शिव का परम भक्त था और बहुत था ज्ञानी दस शीश और बीस भुजाओं का वह था स्वामी...
कविता : ‘ स्वयं सिध्दा ‘ -डॉ.मीता अग्रवाल ‘ मधुर ‘ [रायपुर छत्तीसगढ़] 3 years ago 💓 स्वयं सिध्दा घर-बाहर ज्ञान-विज्ञान कला कौशल अंतरिक्ष सभी हदों को केवल जाना ही नहीं आरोह अवरोह मध्य जूझती विजय-तिलक की हकदार शक्ति की साधक...
कविता आसपास : डॉ. प्रेम कुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश] 3 years ago 💓 अस्तित्व पतझड़ आएगा आएगा अवश्य शाख- पात होंगे विलग हवाएं ले जाएंगीं बहुत दूर। दो ठूंठ बतियाएंगे हरियाली विहीन प्रकृति की क्रूरत लहराएगी और...
विशेष [10 अक्तूबर राष्ट्रीय डाक दिवस पर] – देवेश द्विवेदी ‘ देवेश ‘ [लखनऊ उत्तरप्रदेश] 3 years ago चिठ्ठीयां बीते लम्हों की यादों वाली चिट्ठियाँ। इश्क में अटल इरादों वाली चिट्ठियाँ, चिंता और अवसादों वाली चिट्ठियाँ, अंखियन सावन-भादों वाली चिट्ठियाँ। चुपके से रखीं...
विशेष अवसर पर विशेष कविता – वर्षा ठाकुर 3 years ago अतीत के पन्नों से - वर्षा ठाकुर [ प्राचार्य, शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जुनवानी - भिलाई, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़ ] आश्रम में टहलते टहलते...