नव गीत : गीता विश्वकर्मा ‘ नेह ‘ [ कोरबा छत्तीसगढ़ ] 3 years ago नयी पौध को नहीं सुहाती है बरगद की छाँव । शोर मचाता शहर चाहिए कच्ची मेंड़ नहीं, क्लब की रंगीली थिरकन हो नीरव पेंड़ नहीं,...
लघु कथा :डॉ.अंजना श्रीवास्तव [ भिलाई छत्तीसगढ़ ] 3 years ago 🌸 इंतज़ार आज मैं वृद्धा आश्रम के गेट पर अंदर से लगा ताला देखकर अचंभित हो गई। मुझे ताज्जुब ताज्जुब हुआ क्योंकि मैं अक्सर आश्रम...
पर्व विशेष रचना : श्री हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर : तारक नाथ चौधरी 3 years ago 🌸 भावांजलि - तारक नाथ चौधुरी [ चरोदा - भिलाई छत्तीसगढ़ ] किस विधि पूजन करूँ हनुमंता, शोक हरो तुम हे !दुःखहंता। तुम तो हो...
कविता आसपास : रंजना द्विवेदी 3 years ago 🌸 अंजाना रिश्ता - रंजना द्विवेदी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] हम दोनों के बीच हम कुछ अनजाना सा रिश्ता है तू अपना ना होकर भी...
कविता आसपास : गोविंद पाल 3 years ago 🌸 क्या है रंगमंच ❓ - गोविंद पाल [अध्यक्ष, मुक्तकंठ साहित्य समिति भिलाई छत्तीसगढ़] एक यक्ष प्रश्न हृदय के किसी कोने में एक टीस सी...
इस माह की कवियित्री : संध्या श्रीवास्तव [भिलाई छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 प्रिये जो तुम होते साथ प्रिये होती मन की बात प्रिये सारी दुनिया से बेख़बर होता हाथों में हाथ प्रिये जुड़ जाते मन से...
इस माह के कवि : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरी, आंध्रप्रदेश] 3 years ago 🌸 मां मां धीरे-धीरे अनुपयोगी होती जा रही है अपनों के लिए उच्छिष्ट अन्न की तरह। मां का नहीं रहा नियंत्रण अपने हाथों पर अनन्य...
विशेष कविता : गणेश कछवाहा 3 years ago 🌸 राम - गणेश कछवाहा [ रायगढ़ छत्तीसगढ़ ] तुम मंदिर ,मस्जिद सब ले लो पर मां का आंचल बच्चे की मुस्कान बूढ़े बाप की...
रामनवमी विशेष रचना : महेश राठौर ‘ मलय ‘ 3 years ago 🕉 राम जगत के राम जगत के। राम भगत के। हरि-अवतारी, जन-दुखहारी। जनक-दुलारी, तव सिय नारी। राघव राजा, मम् उर आजा। तीर चला जा, लंक...
नवगीत : डॉ. रा. रामकुमार 3 years ago 🌸 अदम्य आत्मविश्वास का नव्यतम नवगीत - डॉ. रा. रामकुमार [ बालाघाट मध्यप्रदेश ] एक ख़्वाब टूटा है क्रोशिया उठाते हैं ख़्वाब नया बुनते हैं।...