कवि और कविता : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [ केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरी,आंध्रप्रदेश ]
🌸 कमसिन उमर में ही... कमसिन उमर में ही,वो मर चुका था| उम्रदराज होने पर, सुपुर्दे खाक हुआ|| वो शहर से बाहर, गलीज़ चीजें सहेजता...