होली विशेष : डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी ‘ सब्र ‘ 4 years ago 🌸 दुश्मन को भी दोस्त बना दे ये होली... प्यार के रंग में रंगा हुआ जो मन होता है, उसका चर्चा, हर घर, हर आंगन...
होली विशेष : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय 4 years ago 🌸 होली आ गई... - डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश] डाल- डाल फूल खिले धरती अघा गई हवा चली इत्र डाल फागुन को...
होली विशेष : देवेश द्विवेदी ‘ देवेश ‘ 4 years ago 🌸 अबकी होली में... - देवेश द्विवेदी ' देवेश ' [ लखनऊ उत्तरप्रदेश ] उड़ना है खूब गुलाल अबकी होली में, होना है खूब धमाल...
होली विशेष : ठाकुर दशरथ सिंह भुवाल 4 years ago दोहा हिरण्यकश्यप असुर ने, पाया ढेरों वरदान । देय विष्णु पूजा नही, करने का फरमान ।। जलने बैठी आग में, भाव रखे ...
होली विशेष : डॉ. दीक्षा चौबे 4 years ago 🌸 होली गीत - डॉ. दीक्षा चौबे [ दुर्ग छत्तीसगढ़ ] मस्ती में निकले हुरियारे , सजकर आए टोली में । एक-दूजे को रंग डालें...
कविता आसपास : अनुवादित रचना : पल्लव चटर्जी 4 years ago •गणतंत्र की मंत्रणा •कवि : पल्लव चटर्जी •अनुवाद : तारकनाथ चौधुरी [बांग्ला से हिंदी में अनुवाद] पारदर्शी काँच से घिरा रेस्तराँ करीने से सजे डाइनिंग...
कवि और कविता : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरि, आंध्रप्रदेश] 4 years ago 🌸 नशा मुक्ति के इश्तहार निकले... करार जिन्हें,संगी समझ बैठा था। वो तो बस, दरिया की धार निकले।। रफ़्ता-रफ्ता, दिलों को रौंदते हुए। सुकून के...
कवि और कविता : रमाकांत छत्रसाल बडारया. 4 years ago 🌸 स्वस्थ रहने की करो तैयारी - दुर्ग [छत्तीसगढ़] स्वास्थ्य पर दूषित प्रदूषित वायु का पड़ता गहरा असर है क्या तुमको इसकी खबर है आज...
कवि और कविता : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [ केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरी,आंध्रप्रदेश ] 4 years ago 🌸 कमसिन उमर में ही... कमसिन उमर में ही,वो मर चुका था| उम्रदराज होने पर, सुपुर्दे खाक हुआ|| वो शहर से बाहर, गलीज़ चीजें सहेजता...
कवि और कविता : संध्या श्रीवास्तव [भिलाई : छत्तीसगढ़] 4 years ago 🌸 संध्या सिंदूरी संध्या सिंदूरी आँचल समेट निकल पड़ी संध्यांचल की ओर लेकिन मुझे तो जाना था उस ओर जहां मैं प्रार्थना के अंतिम स्वर...