■स्वरांजलि : सुर की लता-लता मंगेशकर. 4 years ago ■कहीं नहीं गई हो ■पूनम पाठक 'बदायूँ' [ इस्लामनगर,बदायूँ,उत्तरप्रदेश ] कहीं नहीं गई हो = पहाड़ों में नदियों में पेड़ों में लताओं में गूंजेगी सदा...
■स्वरांजलि : सुर की लता-लता मंगेशकर. 4 years ago ■लता मंगेशकर ■डॉ. नीलकंठ देवांगन [ शिवधाम कोडिया,जिला-दुर्ग,छ. ग. ] स्वर साम्राज्ञी कोकिल कंठी स्वर की रानी सुरमल्लिका गायन कला में पारंगता जगतीतल की शीतलता...
■बसंत पंचमी पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू. 4 years ago ♀ रितु बसंत जब आथे ♀ डॉ. बलदाऊ राम साहू [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] रितु बसंत हर जब-जब आथे तब-तब सुख के भान कराथे। आमा मउरे ...
■बसंत पंचमी पर विशेष : गीता विश्वकर्मा ‘नेह’ 4 years ago ♀ सरस्वती वंदन, हरिगीतिका छंद ♀ गीता विश्वकर्मा 'नेह' [ बालको नगर कोरबा,छत्तीसगढ़ ] वंदन करूँ, अर्चन करूँ,माँ शारदे वरदान दे, स्वर,ताल,अनहद-नाद,लय मृदु-वाक्पटु मधु गान...
■बसंत पंचमी पर विशेष : दिलशाद सैफी. 4 years ago ♀ ऐसा बसंत बहार हो ♀ दिलशाद सैफी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] मधुकर रहे मधुऋतु और मधुमास भी हो फूलो से लदी कुँज गली हर...
■स्त्रियां… जो कविता लिखना चाहती हैं-सुनें. ‘स्वयंसिद्धा’ की डायरेक्टर डॉ. सोनाली चक्रवर्ती को. 4 years ago ■संपर्क- ■98261 30569 ●●● ●●●
■5 फरवरी बसंत पंचमी पर ‘बसंत’ पर एक जनवादी रचना- गणेश कछवाहा. 4 years ago ♀ बसंत ♀ गणेश कछवाहा [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] भव्य इमारत के वातानुकूल कमरे के शो केस में कागज की बनी गुलाब की पंखुड़ियों को...
■5 फरवरी बसंत पंचमी पर तारकनाथ चौधुरी की एक कविता. 4 years ago ♀ वसंतागमन ♀ तारकनाथ चौधुरी [ चरोदा-भिलाई, जिला-दुर्ग,छ. ग. ] मदिरालय लग रहा, बौराया आम्र-कुंज। अग्नि का भ्रम जगाये, रक्तिम पलाश पुंज।। वीणावादिनी बस गईं,...
■30 जनवरी गांधी जी की पुण्यतिथि पर विशेष. 4 years ago ♀ युग पुरुष गांधी ♀ डॉ. नीलकंठ देवांगन [ शिवधाम कोडिया, जिला-दुर्ग,छ. ग. ] सदियों बाद भारत में उदित हुआ प्रभावशाली युग पुरुष चुम्बकीय ब्यक्तित्व...
■गणतंत्र दिवस पर विशेष : डॉ. नीलकंठ देवांगन. 4 years ago ♀ गणतंत्र का अभिनंदन ♀ डॉ. नीलकंठ देवांगन [ शिवधाम कोडिया,जिला-दुर्ग,छत्तीसगढ़ ] गणतंत्र का महापर्व , अभिनंदन इसका करना है देश हित में काम आयें,...