■भावांजलि : लता मंगेशकर. 4 years ago ♀ गीता विश्वकर्मा 'नेह' स्वर की देवी सुर साम्राज्ञी लता दीदी तुम थी तो खूब । मेरे अधरों पर थे प्यारे गाए तेरे गीत रसीले,...
■’रोज़ डे’ पर उत्खनन मिली 1997 की सतह पर एक पुरानी कविता- शरद कोकास. 4 years ago उपहार में दी जाने वाली नाज़ुक वस्तुओं के साथ अपेक्षाएँ जुड़ी होती है जो कभी नहीं टूटती बेरोज़गारी के दिनों में जेबखर्च से पैसे बचाकर...
■स्वरांजलि : सुर की लता-लता मंगेशकर. 4 years ago ■कहीं नहीं गई हो ■पूनम पाठक 'बदायूँ' [ इस्लामनगर,बदायूँ,उत्तरप्रदेश ] कहीं नहीं गई हो = पहाड़ों में नदियों में पेड़ों में लताओं में गूंजेगी सदा...
■स्वरांजलि : सुर की लता-लता मंगेशकर. 4 years ago ■लता मंगेशकर ■डॉ. नीलकंठ देवांगन [ शिवधाम कोडिया,जिला-दुर्ग,छ. ग. ] स्वर साम्राज्ञी कोकिल कंठी स्वर की रानी सुरमल्लिका गायन कला में पारंगता जगतीतल की शीतलता...
■बसंत पंचमी पर विशेष : डॉ. बलदाऊ राम साहू. 4 years ago ♀ रितु बसंत जब आथे ♀ डॉ. बलदाऊ राम साहू [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] रितु बसंत हर जब-जब आथे तब-तब सुख के भान कराथे। आमा मउरे ...
■बसंत पंचमी पर विशेष : गीता विश्वकर्मा ‘नेह’ 4 years ago ♀ सरस्वती वंदन, हरिगीतिका छंद ♀ गीता विश्वकर्मा 'नेह' [ बालको नगर कोरबा,छत्तीसगढ़ ] वंदन करूँ, अर्चन करूँ,माँ शारदे वरदान दे, स्वर,ताल,अनहद-नाद,लय मृदु-वाक्पटु मधु गान...
■बसंत पंचमी पर विशेष : दिलशाद सैफी. 4 years ago ♀ ऐसा बसंत बहार हो ♀ दिलशाद सैफी [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] मधुकर रहे मधुऋतु और मधुमास भी हो फूलो से लदी कुँज गली हर...
■स्त्रियां… जो कविता लिखना चाहती हैं-सुनें. ‘स्वयंसिद्धा’ की डायरेक्टर डॉ. सोनाली चक्रवर्ती को. 4 years ago ■संपर्क- ■98261 30569 ●●● ●●●
■5 फरवरी बसंत पंचमी पर ‘बसंत’ पर एक जनवादी रचना- गणेश कछवाहा. 4 years ago ♀ बसंत ♀ गणेश कछवाहा [ रायपुर छत्तीसगढ़ ] भव्य इमारत के वातानुकूल कमरे के शो केस में कागज की बनी गुलाब की पंखुड़ियों को...