रचना आसपास 6 years ago ●नव सबेरा -विजय पंडा [ घरघोड़ा, रायगढ़, छत्तीसगढ़ ] शादी का निमंत्रण आया ; मन हर्षित तन पुलकित दौडते - भागते गुनगुनाते श्रीमती, बाल बच्चों...
डॉ. मीता अग्रवाल ‘मधुर’ की कविताएं 6 years ago ●इच्छा अनंत आकाश की ऊचाईयां हिरणी की तरह कुलाचे भरती इच्छाएं । भटकती मृगमरीचिका थक-हार बैठती हैं सोचते सोचते विशाल प्रांगन में विचरती ढूढ़ती उत्तर...
कविता 6 years ago बसन्त पंचमी -प्रिया देवांगन 'प्रियू' आता है जब पंचमी, पूजा करते लोग। हाथ जोड़ विनती करे, और लगाते भोग।। हरी भरी धरती दिखे, हरियाली चहुँओर।...
प्यार की पाती 6 years ago प्यार की पाती मिली,जवाब दिया नहीं. क्या जवाब देते,प्यार ही किया नहीं. -संतोष झांझी प्यार की पाती मिली, जवाब दिया नहीं क्या जवाब देते, प्यार...
ग़ज़ल 6 years ago ●एक ग़ज़ल - दिल से -लतीफ़ खान 'लतीफ़' उन के ख़्वाबों में खो गईं आँखें! दिल का दामन भिगो गईं आँखें! सब ख़ज़ाने लुटा के...
गीत 6 years ago ●बसंत के स्वागत में -डॉ.बलदाऊ राम साहू दुर्ग-छत्तीसगढ़ भौंरों का नव गुंजार सखी बासंती रंग, बयार सखी. महुआ गंध बिखेर रहा है कर के सोलह...
आगे पहुना बसंत 6 years ago ●पिरीत के पानी म मया के रंग घोरे ●आगे पहुना बसंत देख रे -डॉ. पीसी लाल यादव गंडई, छत्तीसगढ़ पिरीत के पानी म मया के...
माँ सरस्वती : प्रार्थना 6 years ago प्रार्थना -विजय पंडा घरघोड़ा, रायगढ़, छत्तीसगढ़ सरस्वती माँ हे! पुस्तक धारिणी हंसवाहिनी माँ हे! मंगलकरिणी। विद्या दात्री माँ हे!नभ जग तारिणी वीणा झंकृत कर माँ...
कविता -नीरज लता सिंह ‘नीरवी’, प्रयागराज, इलाहाबाद, उत्तरप्रदेश. 6 years ago वही देश है वेद-मंत्रों से रक्षित सदा जो रहा ●नीरज लता सिंह 'नीरवी' ये वही देश है , 'भा' रत देश है यह सुरक्षित रहे...
बचपन आसपास 6 years ago ●धीरे से मुस्काती है -डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग'| कोरबा-छत्तीसगढ़. धीरे से मुस्काती है फिर वो रोती गाती है सबको आनंदित करने दिनभर रंग जमाती है...