कविता 6 years ago ●लावारिस देह ●संतोष झांझी रात गये रोटी के लिये गुहार लगाती गठरी कथरी कटोरा लिये सर खुजाती बदन खुजाती ,घूमती रहती है एक जीर्णकाया उसे...
ग़ज़ल 6 years ago ●गरीब अंदर ही अंदर आज़ बहुत तैश में है ●क्योंकि उनके पीठ पर बैठे लोग ऐश में है -गोविंद पाल गरीब अंदर ही अंदर आज...
15 साल पहले ट्रेन में खोया सोने का लॉकेट, जानिए आश्चर्य कर देने वाली कहानी 6 years ago एक जनवरी रेलवे पुलिस ने 2005 में उपनगरीय ट्रेन यात्रा के दौरान खोया हुआ ठाणे की एक महिला का गणेश भगवान बना हुआ सोने का...
बचपन आसपास 6 years ago ●गीत मज़े से गाता ●डॉ. बलदाऊ राम साहू रोना-धोना, आलस करना मुझे नहीं है भाता मैं हूँ सीधा-सादा बच्चा गीत मजे से गाता। छोटे बड़े...
गीत 6 years ago ●मैं हूँ रसगुल्ला ●डॉ.पीसी लाल यादव मैं हूँ रसगुल्ला भईया ,मैं हूँ रसगुल्ला। बड़े चाव से खाते सब ,पंडित हो मुल्ला। मुझे देखकर सबके मुँह...
कविता 6 years ago ●वैक्सीन लगाना ●गोविंद पाल वैक्सीन लगाना किसी इंसान की शारीरिक मृत्यु पर मुझे उतना दुःख नहीं होता जितना इंसानियत की मृत्यु पर किसी देह की...
कविता 6 years ago ●अग्निपरीक्षा ●संतोष झांझी अग्निपरीक्षा केवल क्या एक शब्द मात्र है ? त्रेता युग में घटी एक घटना मात्र बस ? सीता की अग्निपरीक्षा से निकली...
लघुकथा 6 years ago ●बांटने का सुख ●तेजराम शाक्य बांटने का सुख आज की बात एक घटना से प्रारंभ करते है। बात 60 के दशक की होगी जब उस...
बचपन आसपास 6 years ago ●कबूतर आया ●डॉ. बलदाऊ राम साहू उड़ते हुए कबूतर आओ मेरी छत के ऊपर आओ। पंछी भी आएँगे उड़ते तुम भी साहस भरकर आओ। इधर...
बचपन आसपास 6 years ago ●खेल रही है पानी से ●डॉ. माणिक विश्वकर्मा 'नवरंग' ●कोरबा-छत्तीसगढ़ खेल रही है पानी से छिपकर नाना-नानी से हँसकर बोला करती है गुपचुप तितली रानी...