लेख : कैलाश जैन बरमेचा 2 weeks ago 👉 • नोहर की बाइक अचानक फिसल गई कुछ दूध बह गया. लोग खड़े होकर देखने लगे. कोई वीडियो बनाने लगे. लेकिन बहुत कम लोग...
कहानी : दीप्ति श्रीवास्तव 3 weeks ago ▪️ • पानी वाले दादाजी - दीप्ति श्रीवास्तव [ छत्तीसगढ़, भिलाई ] गर्मी हर साल की तरह इस बार भी दस्तक दे चुकी थी। सूरज...
लघु कथा : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय 3 weeks ago ▪️ • पायल रमेश अपनी गर्लफ्रेंड मोना के साथ काॅफी हाऊस में कोने की सीट पर बैठा वेटर का इंतजार कर रहा था तभी उसके...
लघुकथा : सरस सलिला – दीप्ति श्रीवास्तव 8 months ago ▪️ सरस सलिला - दीप्ति श्रीवास्तव [ भिलाई, छत्तीसगढ़ ] गणेश जी का समंदर में विसर्जन कर वर्मा जी वहीं तट पर बैठ गए ।...
आलेख : ‘बहकता बचपन’ – साजिद अली ‘सतरंगी’ 9 months ago ▪️ लेखक : साजिद अली सतरंगी [ मेरठ, उत्तरप्रदेश ] ▪️ 'बहकता बचपन' एक चिंताजनक सच्चाई बचपन किसी भी इंसान की ज़िंदगी का सबसे मासूम,...
स्वर्ग का न्याय : महेश की आत्मकथा – लेखक शायर नावेद रज़ा दुर्गवी 10 months ago कुछ कहानियाँ ज़मीन पर नहीं, आसमानों में लिखी जाती हैं। वे केवल कागज़ पर नहीं, आत्माओं की स्मृति में दर्ज होती हैं। यह कहानी है...
कहानी : ‘पीहू’ – डॉ. दीक्षा चौबे 11 months ago ▪️ पीहू - डॉ. दीक्षा चौबे उसने मेरी आँखों में देखा और कहा - "हाँ "। हवाओं में सप्तरंगी सुर सजने लगे , धड़कन में...
संदेशप्रद लघु कथा : ‘पुकार’ – कैलाश बरमेचा जैन 1 year ago एक ऊँचे, शांत पर्वत की चोटी पर खड़ा टिल्लु नीचे गहरी खाई… हवा में ठंडक और रहस्यमय सन्नाटा… सामने उसकी जीवित प्रेमिका मीरा और दूर...
लेखिका विद्या गुप्ता की कृति ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ की समीक्षा लेखक कवि विजय वर्तमान के शब्दों में – ‘मैं हस्ताक्षर हूँ’ यह विद्या गुप्ता की सच्ची, निर्भीक और सर्व स्वीकार्य घोषणा है 1 year ago ▪️ 'मैं हस्ताक्षर हूँ' ▪️ लेखिका विद्या गुप्ता ▪️ समीक्षा विजय वर्तमान संग्रह की कहानियाँ पहली नज़र में जो प्रभाव छोड़ती हैं , वह है...
मास्टर स्ट्रोक [व्यंग्य] : राजशेखर चौबे 1 year ago महाकुंभ में शाही स्नान राजशेखर चौबे रायपुर : छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण लोगों का महत्व कभी कम नहीं होगा । यह सनातन परंपरा है । सनातन धर्म...