लघुकथा : डॉ. दीक्षा चौबे [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 काम पर निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी करती इमरती आज अपने चार वर्षीय बेटे दीनू को भी साथ ले आई थी । उसकी तबीयत ठीक...
🌸 14 नवम्बर बाल दिवस पर विशेष : प्रभा के बालदिवस : प्रिया देवांगन ‘ प्रियू ‘ 3 years ago ▪️ बाल कहानी प्रभा अउ शालू दूनोंझन सहेली रिहिसे। सँघरा खेलय-कूदय। पर दूनोंझन स्कूल नइ जावत रहैं। सबले बड़का समस्या की वो मन देवार जाति...
💞 कहानी : अंशुमन रॉय 3 years ago 💞 मौत •अंशुमन रॉय [ •बठिंडा, पंजाब ] आज बहुत दिन के बाद वह कमरा खुला. सामने थी एक टूटी सी मेज, साथ में एक...
■लघुकथा : ए सी श्रीवास्तव. 4 years ago ♀ कही अनकही उन्हें अपना वजूद ड्राइंग रूम के कोने में रखी पुरानी कुर्सी की तरह लगता है जिसकी घर में एक जगह तो निश्चित...
■लघुकथा : तारक नाथ चौधुरी. 4 years ago ♀ जुगत उसको चिढ़ थी तो केवल इस जुमले से-"जो मजा़ इंतजा़र में है वो विसाल- ए-यार में नहीं।वक़्त की पाबंद शमशाद को किसी की...
■बाल कहानी : टीकेश्वर सिन्हा ‘गब्दीवाला’. 4 years ago गर्मी का मौसम था। स्कूलों की छुट्टियाँ हो चुकी थी। प्रिया का भी स्कूल जाना बंद हो गया था। कक्षा तीसरी की प्रिया बहुत सुंदर...
■होली आगमन पर दो लघु कथाएं : महेश राजा. 4 years ago ♀ पीछे छूटता हुवा गांव ट्रेन ने गति पकड ली थी।टेलीफोन के खंभे ,नदी,पहाड़ सब पीछे छूट रहे थे।विवेकचंद्रजी अपनी पत्नी और दो बच्चे अमित...
■छत्तीसगढ़ी कहानी : चंद्रहास साहू. 4 years ago ♀ दु रुपिया ♀ चन्द्रहास साहू [ धमतरी, छत्तीसगढ़ ] बस ठेसन के ठेला मा पेपर पढ़त- पढ़त असकट लाग गे आज । कोनो ढंग...
■कहानी : प्रेमलता यदु. 4 years ago 【 ●प्रेमलता यदु का जन्म रायपुर छत्तीसगढ़ में हुआ,वर्तमान में बिलासपुर. ●प्रेमलता जी की कहानियां गृहशोभा, सरिता,मुक्ता, संगिनी,सृजन महोत्सव, गृहलक्ष्मी, हरिभूमि, पत्रिका के अलावा विभिन्न...
■लघु कथा : महेश राजा. 4 years ago ♀ वह तोड़ती पत्थर ♀ महेश राजा महानदी का पनीला क्षेत्र।यहाँ बाहुल्य से पत्थर की शिलाएं थी।आसपास ढ़ेर सारी पत्थरों की खदान खुल गयी थी।तब...