लघुकथा 5 years ago ●ख़त -शुचि 'भवि' कब जाओगे? मयंक के फ़ोन रखते ही नीरू ने धीरे से पूछा था। नीरू को गले लगाकर मयंक ने उसका माथा चूमते...
लघुकथा 5 years ago ●चिंता -महेश राजा गर्मियों के दिन निकट थे। सब जानवर अपने-अपने ठिकानों में दुबके पड़ेथे।जंगल के राजा शेरसिंह को शिकार नहीं मिल पा रहा था।वह...
लघुकथा 5 years ago सरकारी बजट -महेश राजा नया बजट आ गया था।गैस,डीजल पेट्रोल और जरूरत की अन्य चीजें महँगी हो गयी थी।आफिस में इसकी चर्चा चल रही थी।सभी...
लघुकथा 5 years ago ●लघुकथा -महेश राजा एक मित्र ने एक सुंदर कालोनी में आलीशान मकान बनवाया था।पूजा और गृहप्रवेश में शामिल होने का अवसर मिला। सब कुछ बढ़िया...
लघुकथा 5 years ago ●रिश्ते -श्रीमती संतोष झांझी शरणी लाहौर से अपनों को खोकर अपनें दो बच्चों और देवर देवरानी के साथ मिलिट्री के ट्रक में दिल्ली पहुंची। वहीं...
लघुकथा 5 years ago ●आज़ादी का अर्थ -महेश राजा आलीशान इमारत।चारों तरह खूब सजावट हो रही थी।नौकर बिरजू सफाई कार्य में व्यस्त था।पास ही उसका छोटा लडका ननकू खड़ा...
लघुकथा 5 years ago ●आन इमरजेंसी ड्यूटी -महेश राजा पास से एक सरकारी जीप तेज गति से गुजर गयी,जिस पर लिखा था-"इमरजेंसी शासकीय ड्यूटी पर." आगे जाकर सरकारी जीप...
साहित्य आसपास 5 years ago ●कसौटी गद्य पद्य के -मयारू मोहन कुमार निषाद आप सब जानत हव लिखे के कइ ठन कइ किसम के विधा होथे , जेमा गद्य अउ...
लघुकथा 5 years ago ●स्वरूचि भोज -महेश राजा -" भ ई वाह!बधाई हो।आपकी गोष्ठी बहुत सफल रही।श्रोताओं ने अच्छी कविताओंको खूब सराहा।आपकी रचनाओं को भी बहुत वाहवाही मिली।"मित्र ने...
लघुकथा 5 years ago ●जंगल में चुनाव -महेश राजा जंगल के जानवरों ने सोचा कि उन्हें अपना राजा चुन लेना चाहिये। सियार ने कहा-"मैं रात भर चिल्ला चिल्ला कर...