■रचना आसपास : •अर्चना शर्मा. 5 years ago ●पुरुष. -अर्चना शर्मा. [ बरेली, उत्तरप्रदेश. ] अनगिनत त्याग करता जाता, कठिनाई में बढ़ता जाता, आंसू की धाराएं चुपचाप पिए , ये अधिकार भी उससे...
■रचना आसपास : •सरस्वती धानेश्वर. 5 years ago ●किसने पुकारा है मुझे -सरस्वती धानेश्वर [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] एकांत अक्सर मुझसे बातें करता है, मेरी संवेदनाओं को तराशता है, मुझे जीने के लिए मेरी...
■छत्तीसगढ़ी कहानी : •चन्द्रहास साहू. 5 years ago ●इन्द्राणी -चन्द्रहास साहू. [ धमतरी-छत्तीसगढ़ ] ओखर करा महल अटारी नई रिहिस । फेर नानकुन कुंदरा रिहिस टूटहा । मीत मितानीन कस चिरई चिरगुन आ...
■छत्तीसगढ़ी रचना : •चंद्रहास साहू. 5 years ago ●तुतारी -चंद्रहास साहू [ धमतरी-छत्तीसगढ़] हा.. हा.. तो.. तो.. के आरो के संग खेत जोतत हावय सियनहा हा । बइला मन घला आज अब्बड़ मेछराइस...
■लघुकथा : •सुधा वर्मा. 5 years ago ●कचरे का डिब्बा -सुधा वर्मा [ रायपुर-छत्तीसगढ़ ] आँगन बाड़ी में बच्चे खेल रहे थे। मैं अचानक ही वहां देखने पहुँच गई। मैने सब बच्चों...
■लघुकथा : •विक्रम ‘अपना’. 5 years ago ●मुनिया का जन्मदिन -विक्रम 'अपना' [ नन्दिनी, अहिवारा-छत्तीसगढ़ ] आज मुनिया का जन्मदिन था। उसने पिताजी को न जाने कितनी बार यह याद दिलाया था...
■लघुकथा : •डॉ. डीपी देशमुख. 5 years ago ●स्नेह -डॉ. डीपी देशमुख [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] एक शहरी नदी का तट।दो अलग-अलग पत्थरों पर बैठे युवक और युवती निस्पंदन का घूंट पी रहे थे।कुछ...
■लघुकथा : •महेश राजा. 5 years ago ●नमक का मोल -महेश राजा [ महासमुंद-छत्तीसगढ़ ] तालाबँदी के दौरान जीवनशैली बदल गयी थी।कोई भी काम अपनी रूटीन से न हो रहा था। वे...
■लघुकथा : •महेश राजा. 5 years ago ●ईमानदार नागरिक -महेश राजा [ महासमुंद-छत्तीसगढ़ ] प्रायः मुझे हर दूसरे दिन बस से शहर जाना होता था। बहुत पहले की बात है,तब किराया होता...
■रचना आसपास : •जितेन्द्र ‘कबीर’. 5 years ago ●बनेगा अपना देश महान -जितेन्द्र 'कबीर' [ जिला-चम्बा, हिमाचल प्रदेश ] कल तक थे जो चोर-बेईमान, वो बन गये हैं रातों-रात ही बड़े शरीफ इंसान,...