■लघुकथा : ●डॉ. शैल चंद्रा 5 years ago ●इम्युनिटी -डॉ. शैल चंद्रा [ नगरी-छत्तीसगढ़ ] "हम लोग रोज सुबह-शाम काढ़ा पी रहे हैं। काजू बादाम पिस्ता जैसे डॉयफ्रूट खा रहे हैं।सेब, अनार ,मौसम्बी,संतरा...
■रचना आसपास : •डॉ. बलदाऊ राम साहू. 5 years ago ●छोटा सा परिवार -डॉ. बलदाऊ राम साहू [ दुर्ग-छत्तीसगढ़ ] सारे जग से सुन्दर अपना छोटा-सा परिवार। दादा-दादी, मम्मी-पापा सारे जन रहते हैं सुख हो...
■मातृत्व दिवस पर विशेष,लघुकथा- •महेश राजा 5 years ago ●माँ : जिंदगी का इम्तिहान -महेश राजा [ महासमुंद-छत्तीसगढ़ ] बच्चों के इम्तिहान का आज आखिरी दिन था।बच्चे खुश थे,अबसे दिपावली की छुट्टियां आरंभ होने...
लघु कथा : •महेश राजा. 5 years ago ●हक -महेश राजा आज त्यौहार था।पडोसी मित्र को शुभकामनाएं दी और पूछा,इस बार जुलूस,मंदिर में पूजा और समाज भोजन हो पायेगा? मित्र दर्द भरी मुस्कुराहट...
लघुकथा- महेश राजा 5 years ago ●बुकिंग -महेश राजा [ महासमुंद-छत्तीसगढ़ ] एक बहुत बड़ी कालोनी में एक मल्टी स्पेशियलिटी हास्पिटल था।बड़ा सा बोर्ड़ लगा था,हमारे यहाँ सभी तरह की बीमारी...
अपनी बात-अपनों से : •शुचि ‘भवि’ 5 years ago ●मैं भी अब पॉज़िटिव हूँ. -शुचि 'भवि' [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] बड़ी मुश्किल से तो नींद आती थी अब।दिन भर मानो आँखों की नमी सूखती ही...
लघुकथा- महेश राजा 5 years ago ●एक टुकड़ा छांव -महेश राजा [ महासमुंद-छत्तीसगढ़] राधे एक अपने गांव से दूर एक राज्य में रोजीरोटी की तलाश में छह माह पहले ही आया...
■चार लघुकथायें : ●डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’. 5 years ago 1.सेवा निवृत्त हर माह बटुए में चुपके से तीन हज़ार रुपए दैनिक ख़र्च के लिए रखकर पुत्र का फ़र्ज़ पुत्र वधू निभा रही है।कभी उसने...
■रचना आसपास : ●सच्चा प्रेम •तेज़ राम शाक्य 5 years ago मैं जब उससे पहली बार मिला तो वह मात्र तीन चार साल की सुंदर, भोली, मासूम चेहरा लिए मुझे एक गिलास पानी और एक टेबलेट...
■छत्तीसगढ़ में नक्सली मुठभेड़: •शहादत पर गर्व •महेश राजा की देश भक्ति पर लघुकथा 5 years ago ●शहादत -महेश राजा अपनी कर्म भूमि पर दुश्मनों की गोली लगने से उसकी मौत हो गयी।ससम्मान उसका शव गाँव लाया गया।राजकीय सम्मान से उसका अंतिम...