■बैकुंठी यात्रा : उप प्रवर्तक संत विवेक मुनि का देवलोकगमन.
5 years ago
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■संत विवेक मुनि की बैकुंठी यात्रा दुर्ग से चरोदा तक निकली.
■प्रदेशभर से जुटे जैन समाज के लोग,अंतिम दर्शन के लिए.
■चरोदा में बनेगा समाधि स्थल.
♀ दुर्ग
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तेला तप आराधक व उप प्रवर्तक संत विवेक मुनि पंचतत्व में विलीन हो गए. 80 वर्षीय मुनि की दीक्षा कलम महाराष्ट्र में साल 2000 में हुई थी. साध्वी प्रभा कंवर,गुरु मिश्रीलाल के सानिध्य में संयम धर्म पालन किया. कर्नाटक गज केसरी गणेश लालजी की शिष्य परम्परा में वे दीक्षित हुए. मुनि की प्रसिद्धि तेला तप आराधक के रूप में हुई,जिसमें उन्होंने 15 वर्षों तक तीन दिन उपवास,एक दिन पारणा का नियम किया. शिष्य में सौरव मुनि,गौरव मुनि साथ रहे.
चरोदा के मंगलम केंद में उनकी समाधि बनाई जाएगी.
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chhattisgarhaaspaas
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