बचपन आसपास
5 years ago
271
0
●अर्जुन
●डॉ. बलदाऊ राम साहू
यह अर्जुन का पेड़ खड़ा है
जैसे कोई योद्धा अड़ा है।
विविध नाम से जाना जाता
पार्थ, वीर, काहू कहलाता।
शाखाएँ इसमें हैं अपार
जैसे फैलाया हो व्यापार।
श्वेत सलौनी चिकनी काया
औषधीय गुण मन को भाया।
हृदय रोग की अचूक दवाई
यही अर्जुनारिष्ठ कहलाई।
कफ, पित्त से देता छुटकारा
खाँसी, सर्दी को दुत्कारा।
मोटापे को दूर भगाता
कोलेस्ट्रॉल को यह घटाता।
इसकी छाल घर ले आओ
दवाई मनचाही बनाओ।
chhattisgarhaaspaas
Previous Post प्रेस क्लब ऑफ कुम्हारी का आयोजन
Next Post लघुकथा
विज्ञापन (Advertisement)