- Home
- breaking
- Chhattisgarh
- छत्तीसगढ़ सरकार ने एक साल में तीसरी बार पेश किया 19,762 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, कांग्रेस ने घेरा
छत्तीसगढ़ सरकार ने एक साल में तीसरी बार पेश किया 19,762 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट, कांग्रेस ने घेरा
छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) में 19,762 करोड़ रुपये का तृतीय अनुपूरक बजट पारित होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. सदन में विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए इसे आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार यह बजट पेश तो कर रही है, लेकिन इसका उपयोग कैसे होगा, यह स्पष्ट नहीं है. पिछला बजट ही पूरी तरह खर्च नहीं हुआ, तो इस बार इतनी बड़ी राशि एक महीने में कैसे खर्च होगी?
सरकार की सफाई
विपक्ष के सवाल पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अनुपूरक बजट का बचाव करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों और गरीबों के लिए काम कर रही है. अब तक किसानों के खाते में एक लाख करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. ऐसे में यह बजट आर्थिक मजबूती के लिए जरूरी है.
सरकारी योजनाओं को बघेल ने बताया कागजी
बघेल ने सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी सवाल उठाए. उन्होंने जल जीवन मिशन को केवल कागजी योजना बताया और कहा कि मनरेगा का काम भी ठप पड़ा है. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों को दिया जाने वाला चना और नमक भी बंद होने की कगार पर है.
वेतन तक देने के पैसे नहीं?
बघेल ने सरकार पर कर्मचारियों के वेतन को लेकर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि प्रदेश का बजट 1.80 लाख करोड़ रुपये का है, फिर भी शिक्षक और कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है. स्कूलों में डस्टर और चॉक तक खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं.
शराब घोटाले पर फिर बवाल
सदन में बघेल ने शराब घोटाले का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि आखिरकार डिस्टिलरी कंपनियों के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही. भाजपा नेता अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए पूछा कि जब बघेल सरकार थी, तब नया विश्वविद्यालय कहां खुला?
chhattisgarhaaspaas
विज्ञापन (Advertisement)