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मैं दोषी नहीं हूं…., भारतमाला परियोजना फर्जीवाड़े में निलंबित पटवारी ने की आत्महत्या

बिलासपुर: भारतमाला परियोजना के भूमि अधिग्रहण में फर्जीवाड़े का आरोप झेल रहे पटवारी सुरेश मिश्रा ने आत्महत्या कर ली है। 62 वर्षीय सुरेश मिश्रा की लाश बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र के जोकी गांव स्थित अपनी बहन के फार्महाउस में फंदे से लटकी मिली। आत्महत्या से पहले उन्होंने दो सुसाइड नोट छोड़े हैं, जिसमें RI और कोटवार समेत तीन लोगों पर साजिशन फंसाने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि निलंबन और FIR के बाद वह लगातार मानसिक तनाव में थे और इसी के चलते उन्होंने यह खौफनाक कदम उठाया।
मृतक सुरेश मिश्रा को भारतमाला परियोजना के तहत बिलासपुर-उरगा हाईवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण में फर्जी दस्तावेजों की जांच में दोषी पाया गया था। इसी सिलसिले में 25 जून को पूर्व तहसीलदार DK उइके और सुरेश मिश्रा के खिलाफ तोरवा थाने में FIR दर्ज की गई थी। FIR के बाद वह तनाव में आ गए थे। सुरेश मिश्रा ने अपनी बहन सरस्वती दुबे के फार्महाउस में जाकर फांसी लगाकर जान दे दी।
सकरी थाना प्रभारी प्रदीप आर्या के मुताबिक, दोपहर 1 बजे के करीब सुरेश मिश्रा ने कमरे को भीतर से बंद कर खुदकुशी की। शव को फंदे से लटकता देख परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को कमरे से दो सुसाइड नोट मिले हैं। उसमें सुरेश ने खुद को बेगुनाह बताते हुए RI, कोटवार और एक अन्य व्यक्ति पर षड्यंत्र का आरोप लगाया है। साथ ही अपनी सस्पेंशन और मानसिक तनाव का जिक्र करते हुए कहा है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है।
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