इस माह की कवियित्री : संध्या श्रीवास्तव [भिलाई छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 प्रिये जो तुम होते साथ प्रिये होती मन की बात प्रिये सारी दुनिया से बेख़बर होता हाथों में हाथ प्रिये जुड़ जाते मन से...
इस माह के कवि : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [केंद्रीय विद्यालय, वेंकटगिरी, आंध्रप्रदेश] 3 years ago 🌸 मां मां धीरे-धीरे अनुपयोगी होती जा रही है अपनों के लिए उच्छिष्ट अन्न की तरह। मां का नहीं रहा नियंत्रण अपने हाथों पर अनन्य...
विशेष कविता : गणेश कछवाहा 3 years ago 🌸 राम - गणेश कछवाहा [ रायगढ़ छत्तीसगढ़ ] तुम मंदिर ,मस्जिद सब ले लो पर मां का आंचल बच्चे की मुस्कान बूढ़े बाप की...
रामनवमी विशेष रचना : महेश राठौर ‘ मलय ‘ 3 years ago 🕉 राम जगत के राम जगत के। राम भगत के। हरि-अवतारी, जन-दुखहारी। जनक-दुलारी, तव सिय नारी। राघव राजा, मम् उर आजा। तीर चला जा, लंक...
नवगीत : डॉ. रा. रामकुमार 3 years ago 🌸 अदम्य आत्मविश्वास का नव्यतम नवगीत - डॉ. रा. रामकुमार [ बालाघाट मध्यप्रदेश ] एक ख़्वाब टूटा है क्रोशिया उठाते हैं ख़्वाब नया बुनते हैं।...
कविता आसपास : तारकनाथ चौधुरी 3 years ago 🌸 संधिप्रकाश - तारकनाथ चौधुरी [चरोदा भिलाई, जिला - दुर्ग, छत्तीसगढ़] रजनी ढलने को है। स्वप्न छलने को है।। पलकों पे रुका हुआ अश्रु-कण बहने...
नवरात्रि विशेष : संध्या श्रीवास्तव 3 years ago 🌸 माँ - संध्या श्रीवास्तव [भिलाई - दुर्ग, छत्तीसगढ़] नव कल्पना नव रूप में माँ छाँव तुम अति धूप में मॉ भक्तिमय रहे हृदय गगन...
नव वर्ष : डॉ. प्रेमकुमार पाण्डेय [ केंद्रीय विद्यालय वेंकटगिरी, आंध्रप्रदेश ] 3 years ago कोयल प्रवास से लौटी आम बौराया हवा मदमाती तरबूज के ओंठ ललाए कच्ची उमर में ही खरबूज के हाथ पियराए नींबू का मन खटाया सूरज...
विश्व कविता दिवस विशेष : शरद कोकास [दुर्ग छत्तीसगढ़] 3 years ago 🌸 कविता से सम्वाद आओ इन दिनों आओ जैसे बंजर पड़ी ज़मीन में मेहनत से फसल आती है आओ जैसे सूखे हुए कुएं में बरसात...
कविता आसपास : ठाकुर पीतांबर सिंह राजपूत 3 years ago 🌸 अभागा - ठाकुर पीतांबर सिंह राजपूत [ छुईखदान, जिला - खैरागढ़, छत्तीसगढ़ ] जियत जिनगी बिन मउत मरे। जेखर अंग करिया कउथ परे। तिपत...