होली पर विशेष- सरोज तोमर 5 years ago ●रंगी है ये हथेली ! -सरोज तोमर [ भिलाई-छत्तीसगढ़ ] रंगी है ये हथेली ,और तुम हो । नहीं कोई सहेली ,और तुम हो। ये...
होली पर विशेष- प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ 5 years ago ●ब्रज की होली -प्रिया देवांगन 'प्रियू' [ पंडरिया-छत्तीसगढ़ ] होली का ये रंग, सभी के मन को भाते। राधा रानी संग, कृष्ण को रंग लगाते।।...
होली पर विशेष- वंदना गोपाल शर्मा ‘शैली’ 5 years ago ●रंगों में भेद क्यों ? -वंदना गोपाल शर्मा 'शैली' [ भाटापारा-छत्तीसगढ़ ] गुलाल का रंग तो भिन्न-भिन्न होता है... फिर रातें उनकी काली क्यों... प्रीत...
कविता- दिलशाद सैफी 5 years ago गीली मिट्टी सा मन -दिलशाद सैफी [ रायपुर-छत्तीसगढ़ ] अथाह स्वप्न नैनों में लिए रजनी की अंधेरी खोह में भागता दौड़ता सहमा सा गीली मिटटी...
होली आगमन पर विशेष- विनीता सिंह चौहान 5 years ago लग गई लगन फ़ागुन की ! आ गई होली शगुन की ! -विनीता सिंह चौहान. [ इंदौर-मध्यप्रदेश ] लग गई लगन फागुन की ! आ...
ग़ज़ल- तारकनाथ चौधुरी 5 years ago जिसके सिर पे बुजुर्गों का साया है. मकां को घर उसी ने उसी ने बनाया है. ●तारकनाथ चौधुरी [ चरोदा,भिलाई-छत्तीसगढ़ ] जिसके सिर पे बुजु़गों...
कविता- कमल यशवंत सिन्हा 5 years ago संसार की सबसे सुंदर प्रेम कविताएं, लिखी ही नहीं जा सकी... यह कवि का प्रतिशोध है नियति से, जिसने अधूरा कर दिया उसे आजीवन... ●कमल...
नवरंग के बाल मुक्तक- डॉ. माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ 5 years ago नवरंग के बाल मुक्तक 1. बंदर छत के ऊपर आया बंदर सबको नाच नचाया बंदर मिश्का बाहर खेल रही थी देख उसे मुस्काया बंदर 2.डॉगी...
कविता- श्रीमती संतोष झांझी 5 years ago ●कविता की तलाश -श्रीमती संतोष झांझी सुबह सुबह जब सूरज अपनी किरणें धरती पर लाये साँझ पड़े हो लाल शरम से क्षितिज के पीछे छुप...
कविता- डॉ. बीना सिंह 5 years ago •वो भिखारन• -डॉ. बीना सिंह हां हां वह सच में भिखारन थी ना जाने किस मां की अभागन थी अल सुबह रोज भीख मांगने आया...