बचपन आसपास -डॉ.माणिक विश्वकर्मा ‘नवरंग’ 6 years ago ●1.नानू मुझको भाते हैं देख मुझे तुतलाते हैं खेल नया सिखलाते हैं थक जाते हैं खुद लेकिन दिनभर ख़ूब खिलाते हैं करते हैं म्याऊँ म्याऊँ...
गीत 6 years ago ●अरमानों की चिता जलाकर, ●क्यों कर करना शोक -शुचि 'भवि' अरमानों की चिता जलाकर क्योंकर करना शोक राजनीति से कम मत समझो वर्तमान का प्रेम...
कविता 6 years ago ●यूं ही मिल जाना किसी मोड़ पर -दिलशाद सैफी तुम ढूंढो मुझे कभी और मैं ढूँढू तुम्हें यही कही आओ उन बीती स्वर्णिम यादों की...
कविता 6 years ago ●मन -श्रीमती अमृता मिश्रा आज मन के अहसास, परत दर परत स्वत: खुल रहे हैं। पौधों की नाजुक टहनी जैसे दिल यूँ कुछ धड़क रहे...
कविता 6 years ago ●आओ ! बंद कमरे में बैठें -विजय पंडा -घरघोड़ा, रायगढ़,छत्तीसगढ़ खुली जगह ,खुली मैदान में घुटन होने लगी। श्वासें भी जहरीली हो गयी, विश्वास की...
कविता 6 years ago ●ये जीवन की एक पहेली -श्रीमती अमृता मिश्रा जितना जानना चाहा इसे उतनी अंजान हो गई जिंदगी। जितना इसको सुलझाती हूँ उतनी और उलझती जाती, चाहे...
बचपन आसपास 6 years ago ●चलो चलें अब शाला भाई ●खूब करेंगे वहाँ पढ़ाई -डॉ. बलदाऊ राम साहू चलो चलें अब शाला भाई खूब करेंगे वहाँ पढ़ाई। बस्ता से हम...
लघुकथा 6 years ago ●पोस्टर युद्ध ●महेश राजा लघु कथा अभी अभी टीवी पर न्यूज सुनकर हटा।एक राज्य के दो बड़े शहरों में दो अलग पार्टी वालों ने जगह-जगहपोस्टर...
कविता 6 years ago ●लावारिस देह ●संतोष झांझी रात गये रोटी के लिये गुहार लगाती गठरी कथरी कटोरा लिये सर खुजाती बदन खुजाती ,घूमती रहती है एक जीर्णकाया उसे...